सीआईए सिरसा पुलिस ने ऑनलाइन ठगी करने वाले एक गिरोह के चार सदस्यों को पकड़ा है। आरोपियों को बुधवार को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उन्हें तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया।
पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह ने प्रेस वार्ता में बताया कि पुलिस ने गिरोह के चार सदस्यों को काबू कर उनके कब्जे से 280 सिम, 11 मोबाइल फोन व एक लैपटॉप बरामद किया है। उन्होंने बताया है कि पकड़े गए आरोपियों की पहचान रमेश कुमार, विनोद कुमार निवासी डिंग मंडी, सुभाष व राजेश निवासी गांव दैय्यड़ जिला फतेहाबाद के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि अभी तक पुलिस जांच में सामने आया है कि पकड़े गए आरोपी विभिन्न कंपनियों के सिम जाली दस्तावेजों के आधार पर प्राप्त करते थे। उन मोबाइल सिम के माध्यम से अमेजॉन, धनी, पे-जैप जैसी ऑनलाइन कंपनियों द्वारा आमजन को नकद राशि के रूप में दिए जाने वाले लाभ को स्वयं प्राप्त कर ठगी करते थे। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपी एक एकाउंट बनाते थे और उसमें दस हजार रुपये तक की रकम रखते थे। इस रकम तक खाते को केवाईसी से अटैच करना जरूरी नहीं होता। इसलिए आधार कार्ड की डिटेल भी देनी जरूरी नहीं होती। इसी पैसे को बार बार प्रयोग करते थे।
डिंग क्षेत्र से किया काबू
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सीआईए सिरसा प्रभारी इंस्पेक्टर नरेश कुमार के नेतृत्व में उप निरीक्षक अजय कुमार व सहायक उप निरीक्षक तरसेम सिंह, प्रधान सिपाही सुनील कुमार, सिपाही मंदरूप सिंह, सिपाही सुनील कुमार को जानकारी मिली थी कि कुछ लोग डिंग मंडी क्षेत्र में बाहर से फर्जी आईडी पर सिम लाकर फर्जी दस्तावेजों के सहारे ऑनलाइन ठगी का धंधा कर रहे हैं। सीआईए की पुलिस टीम ने उक्त स्थान पर दबिश देकर चार आरोपियों को मौका से सिम, मोबाइल फोन व लैपटॉप के साथ काबू कर लिया। पुलिस हिरासत के दौरान पकड़े गए आरोपियों से इस बारे में गहनता से पूछताछ की जाएगी। इस अवधि के दौरान काफी संख्या में सिम, मोबाइल फोन, जाली दस्तावेजों व अन्य सामान बरामद होने तथा गिरोह के अन्य साथियों की गिरफ्तारी होने की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता और इस नेटवर्क से संबंधित बहुत बड़े गिरोह का खुलासा होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
जानकारी अनुसार ये आरोपी राजस्थान के बीकानेर, यूपी के गाजियाबाद, दिल्ली और पंजाब के जलालाबाद से फर्जी सिम लेते थे। आरोपी उपभोक्ता के खाते में आने वाले लाभ को उपभोक्ता द्वारा प्रयोग जा रहे नंबर और आईडी से खुद पैसे हड़प लेते थे।
वहीं जानकारी के अनुसार पुलिस ने देर शाम को इस मामले में एक और गिरोह के सात गुर्गों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से करीब 3 हजार फर्जी मोबाइल सिम बरामद हुए हैं।