सत्र 2023-24 में सरकारी स्कूलों की बोर्ड कक्षाओं का परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रहे, इसके लिए शिक्षा विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। परीक्षाओं में खराब प्रदर्शन करने वाले स्कूलों की मॉनिटरिंग के लिए जिला शिक्षा विभाग ने नया प्लान तैयार किया गया है। इसके तहत अधिकारी स्कूलों का दौरा कर परीक्षा परिणाम सुधार को लेकर किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करेंगे। इसके साथ ही अध्यापकों को परीक्षा परिणाम सुधार के लिए प्रेरित करेंगे।
वीरवार को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में मुख्यमंत्री सुशासन सहायक (सीएमजीजीए) शुभम भार्गव व समग्र शिक्षा के जिला परियोजना समंवयक सहीराम चाहर की अध्यक्षता में सत्र 2022-23 के दसवीं व बारहवीं कक्षा में खराब प्रदर्शन वाले स्कूल मुखियाओं के साथ बैठक की। इसमें खराब परीक्षा परिणाम के कारण और सुधार के लिए लिखित में सुझाव लिए गए। अधिकतर मुखियाओं ने खराब परीक्षा परिणाम के लिए स्कूलों में अध्यापकों की कमी और बच्चों का स्कूल में कम हाजिर होना बताया। इस दौरान बैठक में निर्णय लिया गया है कि शीतकालीन अवकाश में विद्यार्थियों को होमवर्क दिया जाएगा और अवकाश खत्म होने के बाद उसको चेक किया जाएगा। इसके अलावा पिछले पांच साल के सभी विषयों के प्रश्न पत्रों से बच्चों की तैयारी कराई जाएगी और साप्ताहिक टेस्ट लिए जाएंगे। जिस स्कूल में किसी विषय का अध्यापक नहीं है, वहां उस विषय के वीडियो डाउनलोड करके स्मार्ट क्लासरूम के माध्यम से बच्चों को उस विषय की तैयारी कराई जाएगी। इसके अलावा बोर्ड कक्षाओं के लिए एक्स्ट्रा कक्षाएं लगाई जाएंगी।
कलस्टर पर शिक्षकों की लगाई जाएंगी ड्यूटी
कलस्टर स्तर पर नियुक्त स्टार शिक्षकों की भी ड्यूटी लगाई जाएगी। विद्यार्थियों को कक्षा में रेगुलर आने के लिए एसएमसी की सहायता से अभिभावकों को जागरूक किया जाएगा। इसके अलावा बीएड, जेबीटी, एमएड कर रहे भावी शिक्षकों व गांव के अन्य पढ़े लिखे युवाओं की मदद मांगी जाएगी। इनसे उन स्कूलों में बच्चों को पढ़ाया जाएगा, जिन विषय के स्कूल में अध्यापक नहीं है। वर्तमान में उपरोक्त भावी शिक्षक जिलेभर के स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने की ट्रेनिंग कर रहे हैं।
दसवीं-बाहरवीं में 26 स्कूलों का परिणाम रहा था खराब
सत्र 2022-23 के दौरान जिले के 26 स्कूल ऐसे थे, जिनका परीक्षा परिणाम ज्यादा खराब रहा। दसवीं कक्षा में नाथूसरी चोपटा के तीन, सिरसा के चार, ऐलनाबाद के छह, डबवाली का एक, बडागुढ़ा के तीन व रानियां के चार स्कूल शामिल हैं। 12वीं में सिरसा का एक, ऐलनाबाद के तीन, डबवाली का एक स्कूल शामिल है। इन सभी स्कूलों का परीक्षा परिणाम 50 फीसदी से कम रहा था।
सत्र 2022-23 में जिन स्कूलों का परीक्षा परिणाम 60 फीसदी से कम रहा था, उन स्कूल मुखियाओं की बैठक ली गई। इसमें उनसे लिखित में परीक्षा परिणाम कैसे सुधारा जा सकें के लिए सुझाव लिए गए हैं। इसके अलावा जिला शिक्षा अधिकारी सहित अन्य शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारियों को खराब प्रदर्शन करने वाले स्कूलों की मॉनिटरिंग का जिम्मा भी सौंपा गया है। -
सहीराम चाहर, जिला परियोजना समंवयक, समग्र शिक्षा अभियान सिरसा।