अधिकारियों से बहस करते ग्रामीण।
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गांव चोरमार खेड़ा में नेशनल हाईवे के साथ लगती जगह पर विद्युत आपूर्ति की लाइन खींचने पर ग्रामीणों द्वारा किए गए विरोध के बाद वीरवार को विभाग ने पुलिस बल की सहायता से लाइन खींचने के कार्य को अंजाम दिया। इस दौरान ओढां के बीडीपीओ ओमप्रकाश को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया था। इस कार्रवाई के दौरान लोगों ने विरोध करते हुए अधिकारियों पर तानाशाही करने का आरोप लगाया। जिस पर अधिकारियों ने लोगों से कहा कि अगर इस सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की गई तो उनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
नेशनल हाइवे के साथ-साथ लोगों के घरों के आगे से 33 केवी विद्युत आपूर्ति की लाइन को अन्य जगह शिफ्ट करने का कार्य किया जाना था। लेकिन साथ लगते घरों के लोग इसका पिछले काफी समय से विरोध करते आ रहे थे। उनका कहना था कि जिस जगह में खंभे लगाए जा रहे हैं वो जगह उनकी है। लाइन खींचे जाने से उनके घरों में कभी भी हादसे हो सकते हैं। लोगों के रोष को देखते हुए नेशनल हाइवे की तरफ से लाइन खींचने का कार्य बंद कर दिया गया था। इस मामले में हाइवे के अधिकारियों ने उपायुक्त से अनुमति ली। जिसके बाद वीरवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट बीडीपीओ ओढां ओमप्रकाश की मौजूदगी में अधिकारी मौके पर पहुंचे। इस दौरान ओढां पुलिस के अलावा सिरसा से काफी संख्या मेें अतिरिक्त पुलिस बल भी बुलाया गया। अधिकारियों ने सर्विस रोड की जगह पर जैसे ही जेसीबी चलवाई तो आस-पड़ोस के लोगों ने एकत्रित होकर कड़ा रोष जताया। इस दौरान उन्होंने नेशनल हाइवे के अधिकारियों को आड़े हाथों लेकर खूब खरी-खरी सुनाते हुए उनसे उलझ पड़े। जिसके बाद अधिकारी इधर-उधर होते बातों से इतिश्री करते नजर आए। लोगों ने कहा कि हाइवे के अधिकारियों ने उनकेे घरों के आगे से नाला बनाते समय उन्हें विश्वास में लिया था। लेकिन अब वे बलपूर्वक उनकी जगह में खंबे गाड़ रहे हैं। लोगों ने कहा कि विभाग जिस जगह में खंभे लगा रहा है वो जगह उनकी है। तो वहीं अधिकारियों ने उक्त जगह पर विभाग का हक बताया। इस बात को लेकर ग्रामीण हाइवे के अधिकारियों के साथ-साथ ड्यूटी मजिस्ट्रेट से भी उलझ पड़े। लोगों ने एक बार जेसीबी भी बंद करवा दी। जिसके बाद ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने यह कहकर मशीन पुन: चालू करवा दी कि ये कार्रवाई उपायुक्त के आदेशानुसार की जा रही है। उन्हें एतराज है तो वे उपायुक्त से मिलें। अगर उन्होंने इस कार्रवाई में बाधा उत्पन्न की तो उनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई करने को बाध्य होना पड़ेगा। काफी देर तक चले रोष के बाद लोग शांत हो गए।नेशनल हाइवे अथारिटी के अधिकारी अमित कुमार ने बताया कि हाइवे की 24 कदम पुरानी जगह है। जिसके बाद हमनें 2 कदम गुरुद्वारा वाली साइड व 5 कदम दूसरी साइड जगह बाद में ली थी। हम अपनी जगह पर कार्य कर रहे हैं। लोग बेवजह इस पर अपना हक जताकर पिछले लंबे समय से कार्य को बाधित किए हुए है। जिसके बाद हमें मजबूरन पुलिस बल की सहायता लेनी पड़ी।
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उपायुक्त के आदेश पर ये कार्रवाई की गई है। लोगों को अगर जगह संबंधी एतराज है तो वे उपायुक्त से मिलें। हम तो आदेशों की पालना कर रहे हैं। लोगों ने एक बार एतराज जताया था। कार्य संपन्न करवाया जा रहा है।
-ओमप्रकाश, ड्यूटी मजिस्ट्रेट।