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Sirsa News: ओढां आईटीआई में छात्र को निकाला कक्षा से, जनता अधिकार मोर्चा ने लगाया धरना तो बैठाया

Tue, 28 May 2024 11:09 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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प्राचार्य से बातचीत करते जनता अधिकार मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष व लोग।
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ओढां। राजकीय आईटीआई में एक छात्र को कक्षा से बाहर निकालने के मामले को लेकर लोगों ने प्रबंधन के खिलाफ धरना प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। लोगों का कहना था कि आईटीआई में जातिगत भेदभाव किया जाता है। काफी देर तक चले धरना प्रदर्शन के बाद प्राचार्य लोगों के बीच पहुंचे और लोगों को समझा-बुझाकर शांत किया।
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गांव नुहियांवाली निवासी मनोज कुमार ने बताया कि वह आईटीआई में फिटर ट्रेड का छात्र है। घरेलू कार्य के चलते वह करीब 10 दिन क्लास नहीं लगा पाया। अगले दिन वह जब आईटीआई में पहुंचा तो उसे शिक्षक अमरदीप ने यह कहकर कक्षा से बाहर कर दिया कि उसका नाम काट दिया गया है। जिसके बाद वह 2 बार और गया तो भी उसे यही जवाब दिया गया। मनोज ने इस बारे में जनता अधिकार मोर्चा के समक्ष जिक्र किया। इस पर मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष जसविंदर सिंह बब्बू के नेतृत्व में काफी लोग आईटीआई में पहुंच गए और प्राचार्य अनिल कुमार व अन्य शिक्षकों से मिले। उन्होंने प्राचार्य से छात्र को क्लास में बैठाने की बात कही, लेकिन प्राचार्य ने कहा कि मनोज का नाम काट दिया गया है, इसलिए अब इसमें वे कुछ नहीं कर सकते।
ये सुनकर मोर्चा सदस्य आईटीआई के मुख्य द्वार के सामने धरना लगाकर बैठ गए और नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदेशाध्यक्ष जसविंदर सिंह ने कहा कि आईटीआई प्रबंधन द्वारा जातिगत भेदभाव किया जा रहा है। जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जसविंदर सिंह ने आरोप लगाया कि प्राचार्य का एक चहेता छात्र पिछले करीब 6 माह से आईटीआई में नहीं आ रहा। जिसके खिलाफ तो कोई कार्रवाई नहीं हुई, लेकिन नुहियांवाली के एक गरीब परिवार का छात्र जब किसी मजबूरीवश नहीं आ पाया तो उसका नाम काटने की बात कह दी गई। करीब आधे घंटे तक चले धरना प्रदर्शन के बीच प्राचार्य अनिल व अन्य स्टाफ सदस्य उनके बीच पहुंचे और उनसे बातचीत की। काफी देर की बातचीत उपरांत जसविंदर सिंह बब्बू ने कहा कि अगर किसी छात्र के साथ भेदभाव या उसे किसी तरह से प्रताड़ित किया गया तो जनता अधिकार मोर्चा इसे सहन नहीं करेगा। जिसके बाद प्राचार्य ने लोगों को जैसे-तैसे कर शांत किया और उक्त छात्र को कक्षा में बैठाया।
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छात्र मनोज काफी दिनों तक गैरहाजिर रहा। इसके लिए उसने कोई एप्लीकेशन या सूचना नहीं दी। उन्होंने 2 बार उसके घर मैसेज भी भिजवाया। किसी भी छात्र के साथ किसी तरह का कोई जातिगत भेदभाव नहीं किया। जो छात्र 6 माह से क्लास नहीं लगा पा रहा उसका कोई मेडिकल इश्यू है। छात्र मनोज को वापस कक्षा में बैठा दिया गया है।
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-अनिल कुमार, प्राचार्य।
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