संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। शहरी क्षेत्र के आधे वार्डों और ब्लॉक स्तर की बुढ़ापा पेंशन बनाने के लिए सत्यापन की जिम्मेदारी क्रीड विभाग को विधानसभा चुनाव के दौरान सौंपी गई थी। इसके बाद से ही यह कार्य क्रीड विभाग द्वारा ही किया जा रहा था। इसके चलते पात्र को एक विभाग से दूसरे विभाग के चक्कर काटने पड़ते थे। पार्षद प्रतिनिधि और कुछ शहरवासियों की शिकायत आने के बाद पेंशन सत्यापन का कार्य पुन: जिला समाज कल्याण विभाग को सौंप दिया गया है।
नगर परिषद के 16 वार्डों और कुछ ब्लॉकों की पेंशन सत्यापन की जिम्मेदारी क्रीडा विभाग को सौंपी गई थी। विधानसभा चुनाव से लेकर जनवरी के अंत तक सत्यापन का कार्य क्रीडा विभाग कर रहा था। लोगों की माने तो तीन से चार माह से पेंशन बनाने के लिए उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। दस्तावेज देने के बाद भी दो माह से सत्यापन नहीं हो रहा था। इस मामले में पार्षद प्रतिनिधि अमित सोनी ने भी उच्चाधिकारियों को लिखित में शिकायत देकर अवगत करवाया था। उनके वार्ड के बुजुर्गों का सत्यापन अटका हुआ था। इस मामले में संज्ञान लेते हुए उच्चाधिकारियों ने क्रीड विभाग से पेंशन सत्यापन का कार्य वापस लेकर संबंधित जिला समाज कल्याण विभाग को सौंप दिया है। फरवरी से पेंशन सत्यापन का कार्य संबंधित विभाग ही कर रहा है।
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जनवरी में सबसे ज्यादा बनती है पेंशन
अधिकारियों के अनुसार जनवरी में सबसे ज्यादा पेंशन बनाई जाती है। आयु वर्ग में बदलाव आने के साथ ही लोग बड़े स्तर पर पेंशन बनाने के लिए आवेदन करते हैं। इसी कारण सत्यापन का कार्य सबसे ज्यादा रहता है। विधानसभा चुनाव के समय भी विभाग के पास पेंशन को लेकर कार्य अधिक था। काम ज्यादा होने के कारण ही क्रीड विभाग को सत्यापन का कार्य सौंपा गया था।
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विधानसभा चुनाव में कार्य की अधिकता होने के कारण बुढ़ापा पेंशन सत्यापन का कार्य हमारे पास आया था। जनवरी में सबसे ज्यादा पेंशन बनाई जाती है। ब्लॉक और वार्डों की पेंशन सत्यापन का कार्य किया था। अब संबंधित विभाग पर कार्य का दबाव कम हो गया है, तो पुन: जिला समाज कल्याण विभाग को कार्य सौंप दिया गया है। पहले भी पेंशन बनाने का फाइनल कार्य संबंधित विभाग ही करता था। - रविंद्र कुमार, इंचार्ज, क्रीडा।