सिरसा। जिले में परफॉर्मिंग आर्ट स्कूल की शुरुआत हो गई है। जिसमें विद्यार्थी रंगमंच की बारीकियां सीख अपने हुनर को निखार सकेंगे। यहां पर विद्यार्थियों को थियेटर का ज्ञान मिलेगा। जेसीसी विद्यापीठ ने विद्यार्थियों के लिए परफॉर्मिंग आर्ट स्कूल में थियेटर और फिल्म का एक वर्षीय कोर्स शुरू किया है। जिसमें हरियाणा सहित राजस्थान व पंजाब के विद्यार्थी रंगमंच की बारीकियां सीख सकेंगे।
बता दें कि जेसीडी विद्यापीठ में इसी वर्ष परफॉर्मिंग आर्ट विभाग स्थापित किया गया। इसी विभाग में रंगमंच के एक वर्षीय कोर्स की शुरूआत की गई है। इस दौरान 15 साल के किशोर से लेकर 30 साल तक के युवा इस कोर्स को कर सकते हैं। कोर्स की कक्षाएं सायंकालीन रखी गई हैं ताकि अगर कोई विद्यार्थी अन्य कोर्स कर रहा है तो उसकी कक्षाओं के बाद शाम को कक्षाएं लगा सके। कक्षाएं दोपहर 3 बजे से लेकर शाम 5 या फिर 6 बजे तक रहेंगी। संवाद
थ्योरी के साथ होगा प्रेक्टिकल पाठ्यक्रम
थ्योरी में नाट्यशास्त्र, पौराणिक थियेटर, फाॅक थियेटर, समकालीन थियेटर होगा। इसी तरह प्रेक्टिकल में अभिनय, निर्देशन, डिजाइन, सेट डिजाइन, सीन डिजाइन अन्य, फिल्म के मूलभूत बिंदू, ऑडिशन कैसे देना है आदि होगा।
विशेष तौर पर लगेंगी मास्टर कक्षाएं
एक वर्षीय थियेटर व फिल्म कोर्स में विशेष तौर पर मास्टर कक्षाएं लगाई जाएंगी। जिसमें हरियाणा से लेकर मुंबई तक के रंगमंच के प्रतिष्ठित कलाकार, निर्देशक व अन्य विद्यार्थियों को कक्षाएं देंगे। इन कक्षाओं में मुंबई से फिल्म छोरिया छोरों से कम नहीं होती, वेब सीरिज कॉलेज कांड के डायरेक्टर राजेश अमरलाल बब्बर, राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के पूर्व छात्र रजनीश कुमार, मुंबई से डायरेक्टर, लेखक नितीश साहेब व अन्य विद्यार्थियों की मास्टर कक्षाएं लेंगे।
खुद से संघर्ष से थियेटर स्कूल खोलने का सोचा
केएल थियेटर के निर्देशक कर्ण लढा ने बताया कि जिले बहुत से ऐसे विद्यार्थी है जो रंगमंच सीखना चाहते हैं। लेकिन जिले में ऐसी कोई जगह नहीं है जहां पर रंगमंच की कक्षाएं लगाकर इसकी बारीकियां सिखाई जाती हो। कॉलेज और विश्वविद्यालयों में भी सिर्फ विशेष कार्यक्रमों के लिए डायरेक्टर विद्यार्थियों को सिर्फ कार्यक्रम के लिए तैयार करता है। अब इस कोर्स से विद्यार्थी जैसे प्री नर्सरी से लेकर शिक्षा लेते है। वैसे ही रंगमंच भी प्री नर्सरी से सीखेंगे। कर्ण लढा ने बताया कि वो पिछले 15 साल से थियेटर कर रहे है। उनके शुरुआती दौर में रंगमंच की कक्षाए, कोर्स व अन्य न होने के कारण न होने के कारण बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
जेसीडी विद्यापीठ व केएल थियेटर के संयुक्त संयोजन में परफॉर्मिंग आर्ट स्कूल की शुरूआत की गई है। जिसमें एक वर्षीय थियेटर व फिल्म कोर्स विद्यार्थियों को करवाया जाएगा। इसमें विद्यार्थियों को रंगमंच की बारीकियां सिखाई जाएंगी। अभी तक रंगमंच को लेकर बहुत सी भ्रांतियां हैं। लोगों का कहना है कि इसमें कॅरिअर नहीं है, लेकिन ऐसा नहीं है। नई शिक्षा नीति में भी सरकार ने रंगमंच का जिक्र किया है। आगामी सालों में रंगमंच भी संगीत और नृत्य की तरह स्कूलों में जरूरी होगा।
-कर्ण लढा, निदेशक, जेसीडी रंगमंच व केएल थियेटर प्रोडक्शन सिरसा।