यूपी के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी द्वारा अवैध बूचड़खानों के खिलाफ उठाए गए कदम से प्रदेश सरकार ने सबक लेते हुए शहरों में खुली अवैध मीट की दुकानों को बंद करने का निर्णय लिया है। इसके लिए नगर परिषद को पत्र भेजकर 15 मई तक मीट की सभी अवैध दुकानें बंद करवाने के लिए निर्देश दिए गए। हालांकि अब तक शहर में खुली 60 अवैध मीट की दुकानें बंद तो नहीं करवाई जा सकी लेकिन नप ने कार्रवाई शुरू कर दी है। इसी कड़ी में सोमवार को मीट के दुकानदारों के नाम नोटिस भेजे गए हैं। अब नोटिस के अनुसार दुकानें बंद नहीं की तो आगामी कार्रवाई की जाएगी। अब केवल स्लॉटर हाउस में ही मीट की दुकानें खोली जा सकेंगी। अब तक नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ती रही हैं।
अब शहर में मीट की बिक्री नहीं हो सकेगी। हालांकि पहले भी नियम था कि शहर में मीट की दुकानें नहीं खुल सकती और बिक्री के लिए नटार में स्लॉटर हाउस का निर्माण भी करवाया गया था पर अब तक स्लॉटर हाउस में मीट की बिक्री शुरू नहीं हो पाई थी। तीन लाख की आबादी वाले शहर में 60 दुकानों पर बिना चिकित्सकीय जांच के हर रोज अनुमानित 100 से अधिक बकरे, दर्जनों सूअर और भेड़े मांस के लिए काटी जा रही हैं। चिंताप्रद बात यह है कि सिरसा शहर में डबवाली रोड पर एयरफोर्स स्टेशन है और नियमानुसार वायुसेना केंद्र के 200 मीटर की दूरी के दायरे में मुर्गे-बकरे काटने की सख्त मनाही है। लेकिन फिर भी डबवाली रोड पर ही अनेक दुकानों में यह कारोबार चल रहा है। हाइकोर्ट के आदेशों की सरेआम उल्लंघना हो रही है और स्लॉटर हाउस वीरान पड़ा है। स्लॉटर हाउस में आज तक एक भी बकरा नहीं कटा जबकि कागजों में स्थानीय निकाय बकरे काट रहा है।
दरअसल शहरी इलाके में मांस की कटाई पर मनाही है। इसके लिए बकायदा सभी शहरों में स्लॉटर हाउस बनाए गए हैं। जिला के डबवाली, रानियां व ऐलनाबाद के अलावा सिरसा में स्लॉटर हाउस बने हैं। मीट मार्केट को शहर से बाहर करने की कवायद में 12 वर्ष पहले गांव नटार के पास स्लॉटर हाउस बनाया गया। यहां एक नलकूप भी लगाया गया। नियम है कि स्लॉटर हाउस में एक विशेषज्ञ चिकित्सक की चेकिंग के बाद मुर्गे, बकरे व सूअर आदि का मांस काटा जाए। ऐसा इसलिए कि पशु के कीटाणु कहीं मांस खाने वाले के लिए जानलेवा न बन जाए। लेकिन सिरसा में करीब दस लाख रुपये की लागत से बना स्लॉटर हाउस वीरान पड़ा है और शहर में डबवाली रोड, हुडा चौक, पुराने रेलवे फाटक के बगल में, मेला ग्राउंड, वाल्मीकि चौक, आईटीआई रोड सहित विभिन्न इलाकों में पचासियों लोग मांस बेचने का धंधा कर रहे हैं।
धार्मिक संस्थाओं ने लगाई थी गुहार
धर्मनगरी के रूप में ख्यात सरसाईंनाथ नगरी की अनेक धार्मिक संस्थाएं प्रशासन से मांस संबंधित दुकानें शहर से बाहर करने की गुहार लगा चुकी हैं। लेकिन प्रशासन ने अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया। दूसरी चिंताप्रद स्थिति यह है कि बिना किसी जांच के बीमार बकरे भी काटे जा रहे हैं और परोसे जा रहे हैं। हर रोज शहर में मांस संबंधी कारोबार अनुमानित पांच लाख रुपये से अधिक का है। ऐसे में जाहिर है कि बिना जांच किए काटे जाने वाले बीमार बकरे खाने वाले कहीं न कहीं अपनी सेहत के साथ दगा भी कर रहे हैं और सेहत के इस खेल को बिगड़ाने में प्रशासन जिम्मेदार है।
हाइकोर्ट ने दिए थे आदेश
एक याचिका पर सुनवाई करते हुए हाइकोर्ट ने सभी शहरों में मांस काटने संबंधी कारोबार को शहर से बाहर शिफ्ट किए जाने के आदेश दिए थे। इस आदेश की अनुपालना स्थानीय निकाय महकमे को सुनिश्चित की गई थी। हाइकोर्ट ने शहर के बाहर बकायदा स्लॉटर हाउस बनाए जाने के आदेश दिए थे। इसी क्रम में जिला में सिरसा, कालांवाली, रानियां, ऐलनाबाद और डबवाली शहरों में स्लॉटर हाउस बनाए जाने थे। स्लॉटर हाउस तो बने पर जो मुख्य समस्या थी वो आज भी जस की तस बनी हुई है।
स्लॉटर हाऊस में नहीं व्यवस्था
डबवाली रोड पर पिछले करीब बीस सालों से बकरे का मीट बेचने का कारोबार करने वाले एक व्यक्ति का कहना है कि स्लॉटर हाउस में समुचित व्यवस्था नहीं है। नलकूप लगाया गया है, पर पानी नहीं है। ऐसे में वे वहां धंधा कैसे चलाएं?
आज नोटिस भेजे गए हैं: बिश्नोई
नगर परिषद के मुख्य सफाई निरीक्षक देवेंद्र बिश्नोई ने कहा कि सरकार द्वारा भेजे गए पत्र के अनुसार शहर में 15 मई के बाद मीट की अवैध दुकानें नहीं खोल सकते। इस पत्र के आधार पर आज सभी दुकानदारों को नोटिस भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अब स्लॉटर हाउस में ही मीट बेचने की अनुमति दी जाएगी।
मीट की जांच के लिए तैनात करेंगे डॉक्टर: डॉ. गोदारा
पशु पालन विभाग के उप निदेशक डॉ. सुशील गोदारा ने कहा कि स्लॉटर हाउस में जब मीट की बिक्री शुरू होगी तो विभाग की ओर से एक चिकित्सक नियुक्त कर देंगे ताकि जांच के बाद ही मीट बेचा जा सके। नियम के अनुसार मीट को बेचने से पूर्व जांच करनी होती है और सही पाए जाने पर ही बिक्री की जा सकती है।