people Protesting for jat reservation
जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान निर्दोष लोगों पर दर्ज किए गए झूठे मुकदमों को खारिज करने की मांग को लेकर रविवार को आठवें दिन भी सेक्टर-19 में जाटों का धरना शांतिपूर्वक रहा। रविवार को जाट समाज द्वारा आगे की रणनीति तय करने के लिए धरनास्थल पर बैठक हुई, जिसमें निर्णय लिया गया कि अब धरने पर आने के लिए लोगों को गांव-गांव जाकर निमंत्रण दिया जाएगा। साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि यदि 25 फरवरी तक मांगें नहीं मानी गईं तो चौपटा, ऐलनाबाद, रानियां और डबवाली में भी धरने शुरू किए जाएंगे। रविवार को प्रदीप सिंवर और निहाल सिंह क्रमिक अनशन पर बैठे।
धरने के दौरान आयोजित हुई बैठक में सर्व जाट संघ की युवा विंग का जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंवर को नियुक्त किया। संघ के अध्यक्ष विकल पचार ने कहा कि सरकार की नियत में खोट है, अन्यथा निर्दोष लोगों पर बने मुकदमे खारिज हो जाते। उन्होंने कहा कि एक तरफ मुख्यमंत्री 27 जनवरी को प्रेस कॉंफ्रेंस में घोषणा करते हैं कि आंदोलन के दौरान मारे गए लोगों के परिजनों को स्थायी नौकरी दी जाएगी और दूसरी तरफ डीसी रेट पर नियुक्ति देकर धोखा किया जा रहा है। इसी प्रकार पिछले वर्ष भी सरकार ने जाट समाज को वार्ता पर बुलाकर सभी मांगें मानने का वादा किया था जो आज तक पूरी नहीं हुई हैं। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान सिरसा जिला में धरने शांतिपूर्वक हुए थे और किसी प्रकार की जानमाल का नुकसान नहीं हुआ था फिर भी लोगों पर केस बनाए गए। पचार ने कहा कि शांति पूर्वक मांग करने वालों पर बनाए गए मुुकदमे जब तक खारिज नहीं होंगे तब तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा। रविवार को प्रदीप सिंवर और निहाल सिंह क्रमिक अनशन पर बैठे।
इस अवसर पर लाधू राम जांघू, शीशपाल गोदारा, ख्यालीराम हंजीरा, रणधीर जोधकां, राजेंद्र जोधकां, दलीप कस्वां, प्रदीप सिंवर, साहबराम, रमेश, पृथ्वी सिंह सिद्धू, प्रदीप सिहाग, अनिल कैरांवाली, प्रेम कैरांवाली, मांगेराम, धर्मवीर गोदारा, प्रकाश सिहाग, हवा सिंह आदि धरने में शामिल हुए। धरने में संख्या को बढ़ाने के लिए गांवों में दौरा भी किया गया। आज रणधीर जोधकां और कृष्ण ढाका ने गांव रामपुरा बागडियां, चाहरवाला, गिगोरानी, रामपुरा ढिल्लों, खेड़ी और कुम्हारियां में पहुंचकर लोगों को धरने के लिए निमंत्रण दिया।