- एफ ब्लॉक के कम्युनिटी सेंटर में छह माह के अंदर टूटीं फर्श की टाइलें, जांच में आया सामने
- शहर में पैचवर्क करने वाले एजेंसी को भी जारी किया नोटिस, दो दिनों में मांगा स्पष्टीकरण
- शहर में सुलभ शौचालय बनाने वाली एजेंसी का अब तक नहीं हुआ 70 प्रतिशत काम
- एक माह के अंदर सभी शौचालयों को हैंडओवर करना है एजेंसी को
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। शहर में विकास कार्यों में गंभीरता नहीं दिखाने वाली एजेंसियों को नगर परिषद ने नोटिस जारी करना शुरू कर दिया है। इन एजेंसियों को ब्लैक लिस्ट करने की कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। हाल ही में नगर परिषद के अधिकारियों ने अलग-अलग विकास कार्य कर रहीं तीन एजेंसियों को नोटिस जारी किया है। गुणवत्ता बेहतर नहीं होने पर एजेंसी से जवाब मांगा गया है।
मुख्यमंत्री के जिला कष्ट निवारण समिति में सुनवाई करने का परिणाम यह है कि जेई स्तर के अधिकारी अपने स्तर पर कोई कमी छोड़ना नहीं चाहते हैं। कारण यह कि विकास कार्यों का फील्ड वर्क उनकी ओर से किया जाता है। यही कारण है कि एजेंसियों को नोटिस देने की कार्रवाई तेजी से की जा रही है ताकि कोई विभागीय कार्रवाई उन पर न हो।
कार्रवाई से विकास कार्यों के टेंडर लेने वाली एजेंसियों में खलबली मची हुई है। नगर परिषद की ओर से एजेंसियों को ब्लैक लिस्ट भी किया जाएगा। सभी अपने-अपने कामों को बेहतर तरीके से करने में जुट गए हैं।
छह माह में टूट गईं टाइलें
नगर परिषद की ओर से एफ ब्लॉक कम्युनिटी सेंटर का निर्माण जारी है। यह टेंडर जिस एजेंसी को दिया गया है, उसने दूसरी एजेंसी को आगे टेंडर सबलेट किया हुआ है। आलम यह है कि छह माह पहले एफ ब्लॉक के कम्युनिटी सेंटर में टाइलें लगाई गई थीं। फर्श पर लगाई गईं टाइलें कई जगह से टूट गई हैं। जेई स्तर के अधिकारियों ने जब मौका निरीक्षण किया तो यह खामी सामने आई। इसके बाद एजेंसी को नोटिस जारी किया गया है। नोटिस के माध्यम से निर्देश दिए गए हैं कि एक सप्ताह के अंदर टूटीं सभी टाइलों को एजेंसी बदलने का काम करे। इस संबंध में जेई रमेश कुमार ने बताया कि मौका निरीक्षण के दौरान फर्श की कई टाइलें टूटी हुई थीं। उनमें दरारें आ गई थीं। इसलिए एजेंसी को बिना देरी किए नोटिस जारी किया है। यह एजेंसी के गारंटी पीरियड के अंदर है। अगर एक सप्ताह के अंदर एजेंसी दुरुस्त नहीं करती है तो ब्लैक लिस्ट करने के लिए फाइनल नोटिस जारी कर आगामी प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी।
गड्ढे नहीं भरने पर दो दिन में मांगा जवाब
म्हारी सड़क एप पर शहर से आने वाली गड्ढों की शिकायतों को 24 घंटे के अंदर हल करना होता है। इसके लिए 48 लाख रुपये की लागत से एजेंसी को वर्कऑर्डर दिया गया है। एजेंसी संबंधित कीमत तक म्हारी एप के सभी गड्ढों को भरने का काम करेगी। पिछले दिनों म्हारी सड़क एप पर कई शिकायतें पेंडिंग थीं। इसी कारण एजेंसी को नोटिस जारी किया गया है कि वह दो दिनों के अंदर स्पष्ट करें कि म्हारी एप पर आने वाली गड्ढों की शिकायतों का समय रहते हुए निपटान क्यों नहीं किया गया।
आमजन को उठानी पड़ रही परेशानी
अधिकारियों के अनुसार, शहर के चार मुख्य जगहों पर शौचालयों का कार्य अधर में है। इस कारण प्रतिदिन 5 से 7 हजार लोगों को इन शौचालयों का लाभ नहीं मिल पा रहा है। कोई शौचालय बाजार के बीच में है तो कोई विशेष रूप से मार्केट के अंदर बनाया गया है ताकि लोगों को बड़ी संख्या में इन शौचालयों का लाभ मिल सके। कई जगह पर खुले में शौच पुरुषों को जाना पड़ता है। विभाग की ओर से पहली बार आधुनिक तरीके से इन शौचालयों का निर्माण करवाया जा रहा है। एजेंसी की ढिलाई के चलते स्वच्छता सर्वेक्षण की टीम ने जब 16 जून को निरीक्षण किया तब भी एक भी शौचालय का काम पूरा नहीं था। हालांकि, अधिकारियों का प्लान था कि स्वच्छता रैंकिंग में नये शौचालयों की गुणवत्ता से अंकों में बढ़ोतरी करवाई जाए।
कोट्स
विकास कार्य में गंभीरता नहीं दिखाने वाली एजेंसियों को नोटिस जारी किया गया है। शौचालय का काम समय पर नहीं करने पर एजेंसी को फाइनल नोटिस दिया गया है। उसके बाद ब्लैक लिस्ट करने की कार्रवाई शुरू की जाएगी। विकास कार्य में जो भी एजेंसी लापरवाही करेगी और समय पर काम नहीं करेगी। सभी के खिलाफ ठोस कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-सुमित चोपड़ा, एमई, नगर परिषद