पीलिया-लीवर संक्रमण के 45 मामलों की पुष्टि, 30 मरीज स्वस्थ होकर लौटे
15 का निजी अस्पतालों में उपचार जारी
संवाद न्यूज एजेंसी
डबवाली। उपमंडल के गांव देसूजोधा में पीलिया और लीवर संक्रमण के बढ़ते मामलों पर जनस्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग ने पेयजल व्यवस्था से जुड़े ठेकेदार परमजीत कुंडू और कनिष्ठ अभियंता रोहताश को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। दोनों से पेयजल व्यवस्था में कथित लापरवाही पर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
गांव में बड़ी संख्या में लोगों के बीमार होने के बाद ग्रामीणों में चिंता का माहौल बना हुआ है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अब तक पीलिया और लीवर संक्रमण के 45 मामलों की पुष्टि हुई है। इनमें से 30 मरीज उपचार के बाद स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं जबकि 15 मरीजों का निजी अस्पतालों में उपचार जारी है।
पाइपलाइन में लीकेज की शिकायतें ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में लंबे समय से पेयजल आपूर्ति व्यवस्था में खामियां बनी हुई हैं। कई स्थानों पर पाइपलाइन में लीकेज होने तथा दूषित पानी की शिकायतें सामने आती रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इसी वजह से पेयजल की गुणवत्ता प्रभावित हुई और इसके बाद बड़ी संख्या में लोग बीमार पड़े।
मामले को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने पेयजल व्यवस्था की जिम्मेदारी से जुड़े ठेकेदार और कनिष्ठ अभियंता को नोटिस जारी किया है। विभागीय अधिकारियों की ओर से मामले की जांच कर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि पेयजल व्यवस्था में कहां और किस स्तर पर लापरवाही हुई।
स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने पर जोर
संक्रमण के मामले सामने आने के बाद प्रशासन और संबंधित विभागों ने गांव में पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त करने के प्रयास तेज कर दिए हैं। पानी की गुणवत्ता की जांच के साथ पाइपलाइन व्यवस्था का निरीक्षण किया जा रहा है। ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने तथा संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पेयजल दूषित होने के कारणों की निष्पक्ष जांच करवाई जाए और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही पेयजल आपूर्ति व्यवस्था का स्थायी समाधान करने की मांग भी उठाई गई है।
कोट्स
गांव देसूजोधा में ग्रामीणों की ओर से लगातार दूषित पेयजल आपूर्ति की बात कही गई है। जांच में कई चीजें सामने आई हैं। इसलिए ठेकेदार और जेई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
-विशाल ज्याणी, उपमंडल अधिकारी, जन स्वास्थ्य विभाग।