नोटबंदी के बाद से ही लोगों को करेंसी की समस्या से जूझना पड़ रहा है। बैंक खुलने से पूर्व ही लोगों की भीड़ जुटना आम बात हो गई है। गांव बड़ागुढ़ा में पंजाब एंड सिंध बैंक के समक्ष करेंसी को लेकर लोगों ने रोष प्रदर्शन किया।
जानकारी मुताबिक सोमवार को बड़ागुढ़ा स्थित पंजाब एंड सिंध बैंक खुलने से पूर्व ही लोगों की भारी भीड़ एकत्रित हो गई। लोगों को उम्मीद थी कि बैंक खुलने के साथ ही उन्हें करेंसी मिल जाएगी लेकिन 10 बजे बैंक खुलने के बाद उनकी उम्मीदों पर बैंक प्रबंधन ने यह कहकर पानी फेर दिया कि बैंक में कैश नहीं है। ये बात सुनकर घंटों इंतजार में बैठे लोग बैंक के आगे धरना देकर बैठ गए। गुस्साए लोगों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि बैंकों में कैश न आने से उन्हें हर रोज अपना काम छोड़ना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि लाइन में लगने के बाद भी उन्हें कैश नहीं मिल रहा जिसके लिए उन्हें दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि करेंसी को लेकर पूरा देश लाइनों में खड़ा है लेकिन फिर भी बैंकों में प्राप्त मात्रा में करेंसी का न भेजना दुर्भाग्य पूर्ण है। लोगों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि नोटबंदी के चक्कर में किसान, मजदूर व गरीब वर्ग ही पिस रहा जबकि कालेधन वाले कुबेर तो बड़े स्तर पर पहले से ही सैटिंग कर कालेधन को सफेद कर चुके हैं।
हां करेंसी को लेकर परेशानी आना स्वाभाविक है लेकिन जोन स्तर पर ही बैंकों में कैश नहीं आ रहा तो हम ब्रांचों तक पैसा कैसे पहुंचाएं। हमने करीब डेढ़ करोड़ रुपये का कैश दूसरे जोन से मंगवाया था लेकिन वह जो पंजाब एंड सिंध बैंक गुरुग्राम की ब्रांचों में ही बंट गया। उम्मीद है कि एक दो दिन में सुधार हो जाएगा।
-अश्वनी कुमार, जोन असिस्टेट गुरुग्राम