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नगर परिषद चेयरपर्सन चुनाव स्थगन की सूचना न देने को लेकर मचा घमासान

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चुनाव स्थगित होने के विरोध में पहुंचे पार्षद और कांग्रेसी नेता। - फोटो : Sirsa
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नगर परिषद चेयरपर्सन का चुनाव सोमवार देर रात प्रशासन ने पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के स्टे के आधार पर स्थगित कर दिया, लेकिन इस पर विवाद हो गया। वार्ड नंबर 22 की पार्षद बलजीत कौर ने साफ तौर पर कहा कि हाईकोर्ट में चुनाव स्टे के लिए याचिका नहीं दी थी। इस मुद्दे पर मंगलवार सुबह पार्षद कांग्रेस नेता नवीन केडिया, पार्षद बलजीत कौर और राजू शर्मा के नेतृत्व में इकट्ठा हुए और सरकार व प्रशासन पर चुनाव स्थगित करवाने का आरोप लगाया।
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सुबह 11 बजे नगर परिषद में पार्षद बलजीत कौर, पार्षद विकास जैन, विकास गुज्जर, जगजीत गिंदू, संगीता सचदेवा, शीला सहगल, ममता सैनी, जश्न इंसा, ख्यालीराम, राजू पहुंचे। कांग्रेस नेता नवीन केडिया व राजू शर्मा भी पहुंच गए। पार्षद बलजीत कौर ने कहा कि वह इस चुनाव में चेयरपर्सन की उम्मीदवार के तौर पर खड़ी हो रही थीं। लेकिन रात को प्रशासन ने सात अगस्त के जिस स्टे के आधार पर चुनाव स्थगित किया है। उस स्टे के लिए उन्होंने हाईकोर्ट में कोई याचिका नहीं डाली थी। इस मामले की जांच होनी चाहिए कि स्टे के लिए उनके हस्ताक्षर का किसने प्रयोग किया, न ही वह वकील को जानती हैं। यहां तक कि चंडीगढ़ तक नहीं गईं। मामले में राजनीति हुई है और साजिश के तहत उन्हें फंसाया जा रहा है। वह कानूनी रूप से इसका जवाब भी देंगी। जिसने भी उनके नाम का प्रयोग किया है, उस पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं पार्षदों के इकट्ठा होने की सूचना मिलने पर एसडीएम जयवीर यादव पहुंचे। कांग्रेस के प्रदेश महासचिव नवीन केडिया ने एसडीएम से पूछा कि जब स्टे सात अगस्त को मिला है तो दस अगस्त तक इसकी सूचना पार्षदों को क्यों नहीं दी गई, जबकि 11 अगस्त को चुनाव वाले दिन पार्षदों के हस्ताक्षर करवाए जा रहे हैं। स्टे की कॉपी तीन दिन बाद दी जाती है, जबकि सरकार के एएजी कोर्ट में उपस्थित थे। भाजपा सरकार ने अपनी चेयरपर्सन न बनते हुए देख देर रात ये हथकंडा अपनाया है और प्रशासन की मिलीभगत से ये काम हुआ है। उन्होंने कहा कि कांडा बंधु नहीं चाहते कि भारतीय जनता पार्टी की पार्षद चेयरपर्सन बने। उन्होंने कहा कि ऐसे में शहर का विकास कैसे संभव है, जहां चुनाव के नाम पर ही गंदी राजनीति खेली जा रही हो। कांग्रेसी नेता नवीन केडिया ने कहा कि वे वकील के माध्यम से याचिका की नकल निकलवाकर हस्ताक्षर का पता चलाएंगे और इस साजिश का भंडाफोड़ करेंगे।
कोर्ट में शपथ पत्र दें बलजीत कौर : गोपाल कांडा
सिरसा के विधायक गोपाल कांडा ने नगर परिषद चुनाव के स्टे आने पर पत्रकार वार्ता में बताया कि हाईकोर्ट की ओर से जारी स्टे पर पार्षद बलजीत कौर के हस्ताक्षर हैं। यदि उन्होंने याचिका दायर करने को लेकर कोई हस्ताक्षर नहीं किए हैं तो उन्हें हाईकोर्ट और डीसी के समक्ष पेश होकर शपथ पत्र देना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच करवाकर दूध का दूध और पानी का पानी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि रीना सेठी का नाम हटा कर उन्होंनेे सुमन शर्मा के नाम को आगे रखा। लेकिन इस घड़ी में अन्य पार्षद उनका साथ देने के बजाए ओछी राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मंगलवार को नगर परिषद में चुनाव होने थे, सुमन शर्मा का नाम तय किया जा चुका था पर सोमवार रात को स्टे आर्डर आने पर चुनाव स्थगित कर दिया गया। पार्षद बलजीत कौर कहती हैैं कि उसने कोई याचिका दायर नहीं की और न ही उसने हस्ताक्षर किए। यह सरासर झूठ है। उन्होंने कहा कि नगर के विकास में अड़ंगा लगानेे के लिए ही कुछ लोगों ने पहले स्टे ले लिया था और उस स्टे को भाई गोबिंद कांडा ने रद्द करवाया था और यह स्टे ऑर्डर भी दस दिन में रद्द करवा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि विधायक बनते ही सरकार को बिना शर्त समर्थन दिया था। उन्होंने कहा कि सरकार को तुरंत प्रभाव से नगर परिषद सिरसा में प्रशासक नियुक्त करना चाहिए क्योंकि कुछ लोग गलत तरीके से परिषद का पैसा खाना चाहते हैं।
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कोट्स
स्टे सात अगस्त को हुआ था, लेकिन दस अगस्त को देर रात कोर्ट के आदेश मिले। कोर्ट के आदेशों का पालन करवाने के लिए चुनाव स्थगित किया गया है।
- जयबीर यादव, एसडीएम सिरसा।
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