नशा मुक्त हरियाणा अभियान के तहत प्रयास संस्था और शहीद भगत सिंह वेलफेयर ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को हिसार मंडल पुलिस की ओर से कार्यक्रम हुआ। इस दौरान एडीजीपी श्रीकांत जाधव ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। एडीजीपी ने कहा कि नहीं शब्द युवाओं व उनके परिवार को नशे की गिरफ्त में आने से बचा सकती है। इसलिए युवा अपने उन साथियों को नहीं कहे जो उन्हें एक बार नशे का मजा लेने का प्रलोभन देने का प्रयास करते हैं।
एडीजीपी ने कहा कि पूरे विश्व में 32 बिलियन डॉलर का नशीले पदार्थों का कारोबार चल रहा है। भारत में मादक चीजाें की खरीद फरोख्त का आंकड़ा 20 लाख करोड़ रुपये का है जो एक भयावह आंकड़ा है। भारत के नशे से सबसे ज्यादा प्रभावित 290 जिलों में हरियाणा के दस जिले भी शामिल हैं। इन आंकड़ों से देश व प्रदेश में नशे की भयावह स्थिति का आसानी से पता चलता है। यदि अब भी हम नहीं चेते तो हमारी युवा पीढ़ी और उसका पूरा परिवार इसके दुष्प्रभाव झेलेगा। रोज नशे के नए-नए रूप सामने आ रहे हैं। चरस, गांजा, चिट्टा, अफीम, नशीली दवाइयां आदि ऐसे नाम हैं, जो अब आम हो चुके हैं।
मजे - मजे के चक्कर में भूलकर भी न करें नशे का सेवन
एडीजीपी ने कहा कि युवा मजे-मजे के चक्कर में भूल कर भी इन नशीले पदार्थों का सेवन न करें। क्योंकि एक बार ही इनका सेवन करने से भी इनकी लत लगने की आशंका होती है। आप आपने परिवार और समाज का भविष्य है और इसे नशे से खराब न करें। समाज में नशे के प्रचलन को रोकने के लिए पुलिस विभाग पूरी तन्मयता से लगा हुआ है। आपका भी यह कर्तव्य है कि आप सभी सजग रहते हुए अपने आस पास यह ध्यान रखे कि कहीं आपका कोई साथी तो नशे की गिरफ्त में तो नहीं आ रहा है। यदि कहीं भी आपको नशा करने या इसकी सप्लाई करने वाला कोई व्यक्ति नजर आता है तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। हेल्प लाइन नंबर 9050891505 और हिसार रेंज पुलिस के हेल्पलाइन नंबर 881401100 पर संपर्क कर सकते हैं।