सिरसा। नगारिक अस्पताल में बुधवार को एनएचएम कर्मचारियों ने मांगों के लिए दो घंटे की हड़ताल की। कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। हड़ताल के चलते अस्पताल में एंबुलेंस सेवा बंद रही। इसके अलावा लेबर रूम, मनोचिकित्सक विभाग, टीकाकरण का काम भी प्रभावित रहा। एंबुलेंस सेवा बंद रहने से चार मरीजों को हड़ताल खत्म होने के बाद रेफर किया जा सकता।
एनएचएम कर्मचारी संघ व स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के संयुक्त आह्वान पर एनएचएम कर्मचारियों ने पहले 24 जुलाई को 3 दिन की सांकेतिक हड़ताल पर जाने की घोषणा की थी। अब 25 जुलाई को मिशन निदेशक, एनएचएम ने यूनियन प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए बुलाया गया है। ऐसे में स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने हड़ताल का निर्णय स्थगित करते हुए दो घंटे पेन डाउन कर वर्क सस्पेंड करने का निर्णय लिया।
जिला प्रधान कुंदन रावड़िया ने बताया कि अब मिशन निदेशक के साथ बातचीत में कर्मचारी हित में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जाता है तो एनएचएम कर्मचारी 26 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। उनका कहना है कि पिछले 26 वर्षों से एनएचएम कर्मचारियों की अनदेखी की जा रही है। मुख्यमंत्री की सैद्धांतिक मंजूरी के बावजूद भी सातवें पे कमीशन का लाभ नहीं दिया जा रहा। अधिकारियों की ओर से कर्मचारियों का दो महीना से सैलरी का बजट जानबूझकर रोका गया है। कर्मचारी वर्ग जब अपनी मांगों को लेकर सरकार के पास जाता है, तो वेतन को एकमुश्त करने का तुगलकी फरमान जारी कर दिया जाता है। इससे कर्मचारियों में भारी रोष है। मिशन निदेशक ने अगर उनकी मांगों को नहीं माना तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर देंगे।