टोल प्लाजा पर बिना फास्टैग आधा किलोमीटर लंबी लाइन में लगने की बजाय वाहन चालक आपात स्थिति का हवाला देकर दोगुना चार्ज अदा करके निकल रहे हैं। भावदीन टोल प्लाजा पर अप और डाउन के लिए सिर्फ एक-एक ही कैश लाइन होने के कारण वाहन चालकों को आधे घंटे से भी अधिक समय तक इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में लोग इंतजार करने की बजाय सीधे फास्टैग की लाइन में जाकर आपात स्थिति की बात कहकर दोगुना चार्ज देकर निकल रहे हैं।
गौरतलब है कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के नए आदेशों के मुताबिक टोल प्लाजा से 24 घंटे में वापसी पर्ची का विकल्प कैश काउंटरों से हटा दिया था। अब चालकों को टोल क्रॉस करने के लिए हर बार पर्ची कटवानी होगी। इस कारण भी टोल प्लाजा पर लंबी लंबी कतारें लग रही हैं। वहीं, एनएचएआई ने टोल प्लाजा को 100 प्रतिशत फास्टैग करने के लिए 15 जनवरी की अंतिम तिथि दी थी। साथ ही निर्देश थे कि सभी टोल प्लाजा पर 25 प्रतिशत लाइनों को ही कैश के लिए रखा जाए।
फास्टैग ब्लैक लिस्ट होने पर लाइन में लगना पड़ रहा
इसके अलावा फास्टैग लाइन में आ रही गाड़ियों के फास्टैग ब्लैक लिस्ट होने के कारण उन्हें भी कैश की लाइन में ही लगकर टोल क्रॉस करना पड़ रहा। वहीं, स्कैनर भी कुछ गाड़ियों के फास्टैग स्कैन नहीं कर पा रहे हैं, इस कारण फास्टैग लाइन में भी चालकों को इंतजार करना पड़ता है। टोल कर्मचारी फास्टैग रीडर से उन गाड़ियों के फास्टैग स्कैन कर टोल क्रॉस करवा रहे हैं।
शॉर्ट कट व लोकल रास्ते खोजने लगे चालक
टोल प्लाजा पर लगी लंबी लाइनों को देखकर अब वाहन चालक शॉर्ट कट व लोकल रास्तों को तलाशने में जुट गए हैं। पहले ऐसे प्रयास वही वाहन चालक कर रहे थे, जिन्हें टोल का खर्च बचाना था लेकिन अब तो आधे घंटे से अधिक समय टोल पर ही लगने के कारण लोकल रास्तों से निकलने में ही वाहन चालक भलाई समझ रहे हैैं। वाहन चालकों का कहना है कि लोकल रास्ते को छोड़कर जितना समय टोल से बचाते थे, उतना तो अब लाइन में ही लग रहा है। फिर क्यों पैसा खर्च करें।
100 रुपये का हुआ व्यावसायिक गाड़ी का फास्टैग
टोल क्रॉस करने के लिए विभिन्न कंपनियां फास्टैग उपलब्ध करवा रही हैं। सामान्य कार के 250 रुपये व अन्य गाड़ियों के प्रति एक्सल के मुताबिक चार्ज लिया जा रहा है। व्यावसायिक वाहन पर पहले एक्सल के हिसाब से लगने वाले 200 से लेकर 650 रुपये को कम करके केवल 100 रुपये कर दिया गया है। इसमें चालक अब 100 रुपये का भुगतान कर फास्टैग लगवा सकता है, जिसमें न्यूनतम राशि केवल 1 रुपया रखनी होगी। जबकि अन्य कंपनियों के रेट वहीं रहेंगे।
टोल क्रॉस करने के लिए कैश की केवल एक ही लाइन है, साथ ही एनएचएआई ने कैश काउंटर पर 24 घंटे में वापसी पर्ची का विकल्प खत्म कर दिया है। वाहनों के शीशों पर मिट्टी व धुंध पड़ने से कई बार फास्टैग स्कैन नहीं होता है। ऐसे में फास्टैग रीडर से स्कैनिंग करवाई जाती है।
- सतीश सिंह बदौरिया, मैनेजर, भावदीन टोल प्लाजा।