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नए कृषि कानूनों ने किसानों को किया बर्बाद : अभय चौटाला

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उपायुक्त को ज्ञापन सौंपते इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला। - फोटो : Sirsa
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भाजपा सरकार सत्तासीन होने के बाद किसानों की आर्थिक हालत सुधारने के लिए स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने का आश्वासन दे रही थी, उसी सरकार ने तीन कृषि कानून पारित कर किसानों को पूरी तरह से बर्बाद किया है।
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यह बातें इंडियन नेशनल लोकदल के प्रधान महासचिव चौधरी अभय सिंह चौटाला ने कही, वे मंगलवार को अनाजमंडी में इनेलो की ओर से केंद्र सरकार द्वारा पारित किए गए तीनों कृषि कानूनों के विरोधस्वरूप आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान बतौर मुख्यातिथि बोल रहे थे। इस दौरान किसानों व ग्रामीणों को संबोधित करते हुए इनेलो नेता चौधरी अभय सिंह चौटाला ने कहा कि वे कृषि और किसानों को बर्बाद करने वाले इन तीनों कानूनों को वापस लेने के लिए केंद्र सरकार को बाध्य करेंगे और इसके लिए गेहूं की बिजाई के फौरन बाद पूरे देशभर के किसान संगठनों के साथ मिलकर पूरे देश में विशाल आंदोलन खड़ा करेंगे।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने हरी पगड़ी पहनकर चौधरी देवीलाल की नीतियों पर चलते हुए आमजन के वोट लिए वही लोग आज सत्ता में बैठकर किसानों के हक में बोलने से पूरी तरह मौन हैं। ऐसे में अब यह प्रदेश की जनता का ही कार्य है कि ऐसे राजनीतिज्ञ जब उनके गांवों में पहुुंचें तो वे इनसे पूछें कि उन्होंने किसानों की मदद के लिए क्या किया है। प्रदेश सरकार को घेरते हुए इनेलो नेता चौधरी अभय सिंह चौटाला ने कहा कि प्रदेश की वर्तमान गठबंधन सरकार के 9 माह के कार्यकाल में ही 9 बड़े घोटाले हुए हैं, जिसमें धान घोटाला, शराब घोटाला, रजिस्ट्री घोटाला, गेहूं घोटाला, चना घोटाला प्रमुख हैं। इन तमाम घोटालों पर सरकार की ओर से अभी तक ऐसी कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में हरी चुनरी चौपाल के माध्यम से महिलाओं को बरगलाया गया और अब सत्तासीन होने के बाद वही लोग आराम से चैन की नींद ले रहे हैं। जबकि महिलाएं स्वयं को ठगा सा महसूस कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की जनता को 24 घंटे बिजली उपलब्ध करवाने, युवाओं को सरकारी रोजगार देने, खेत के अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने, बुजुर्गों को 5100 रुपये का बेरोजगारी भत्ता और बेरोजगारों को सरकार नौकरी उपलब्ध न करवाने पर 11 हजार रुपये का भत्ता देने का वायदा करने वाले सत्तासुख भोग रहे हैं और प्रदेशवासी इनके छलावे का शिकार होकर रह गए हैं। बाद में वे पार्टी पदाधिकारियों व सैकड़ों किसानों के साथ जनता भवन रोड से रोड़ी बाजार, सुभाष चौक, हिसारिया बाजार, परशुराम चौक से डॉ. आंबेडकर चौक पहुंचे। जहां उन्होंने उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री मनोहरलाल के नाम ज्ञापन सौंपा और पिपली में किसानों पर लाठीचार्ज करने वालों पर कार्रवाई व किसानों के विरोध में इन तीनों कानूनों को वापस लेने की मांग की।
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