मेडल को दिखातीं जूडो खिलाड़ी मेनका। संवाद
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सिरसा। जूडो खेल में राष्ट्रीय स्तर तक की विभिन्न प्रतियोगिता में 40 से अधिक मेडल हासिल कर मेनका घंटाल अन्य महिला खिलाड़ियों को प्रेरित कर रही हैं। मेनका ने महज 12 वर्ष की उम्र में अभ्यास शुरू किया और आज सीनियर नेशनल जूडो फेडरेशन खेल चुकी है।
मध्यम वर्ग परिवार से संबंध रखनेवाली मेनका फ्रेंडस कॉलोनी में रहती हैं। वह खुद तो जूडो की अच्छी खिलाड़ी है ही, उसके पति मनदीप भी जूडो खिलाड़ी हैं। बचपन में जहां मेनका घंटाल को माता पिता से सहयोग मिला तो वहीं शादी के बाद पति के खिलाड़ी होने का भी फायदा हुआ। खेल अभ्यास में प्रतिद्वंद्वी के रूप में पति ने भरपूर साथ दिया। जिसकी बदौलत करियर में निखार ऐसा आया कि आज स्वर्ण, रजत व कांस्य पदक सहित जिला स्तर से लेकर नेशनल स्तर तक 40 मेडल हासिल कर चुकी हैं। मेनका ने बताया कि स्कूली पढ़ाई महाराजा अग्रसेन स्कूल से की जहां जूडो की नर्सरी भी है। वहां काफी अभ्यास किया और स्कूली प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। इसके पश्चात वर्ष 2003 व 2004 में स्कूली नेशनल प्रतियोगिता में भाग लेते हुए गोल्ड मेडल प्राप्त किया इसके पश्चात 2006 व 2007 तक एक और गोल्ड सहित एक सिल्वर व एक ब्रांज मेडल जीता।
इन प्रतियोगिताओं में ले चुकी हिस्सा
वर्ष 2004 व 2005 में जूनियर नेशनल प्रतियोगिता में ब्रांज मेडल प्राप्त किया। इसके पश्चात 2010 और 2011 में होने वाली सीनियर नेशनल जूडो फेडरेशन में और 2017 व 2018 तक लगातार मेडल हासिल किया। अकेले नेशनल प्रतियोगिता में ही अब तक 6 गोल्ड, 3 सिल्वर तथा 4 ब्रांज मेडल जीत चुकी हैं।
अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीतने का सपना
मेनका घंटाल का सपना है कि राष्ट्रीय स्तर के बाद अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचकर देश के लिए मेडल लाना। जिसके लिए वह आज भी दिन-रात अभ्यास कर रही है। वह उस दिन का इंतजार कर रही है जब उसे यह अवसर मिलेगा और सपना पूरा होगा।