संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा/चोपटा। प्रशासक के तौर पर नियुक्त खंड एवं पंचायत अधिकारी, ग्राम सचिव, लेखा लिपिक, सरपंच प्रतिनिधि और फर्म संचालक पर 31 लाख रुपये के गबन का आरोप है। आरोप है कि गांव हंजीरा और जोड़कियां के फंड का दुरुपयोग पंचायतों का कार्यकाल खत्म होने के बाद पंचायत अधिकारी ने अन्यों के साथ मिलकर व्यायामशालाओं के निर्माण की राशि की अदायगी करवा दी। जिसके बाद अब नाथूसरी चोपटा पुलिस ने तत्कालीन खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (बीडीपीओ) विवेक कुमार (अब निलंबित), ग्राम सचिव सुभाष फौजी, लेखा लिपिक कमल, हंजीरा के सरपंच प्रतिनिधि योगेश पूनिया और फर्म संचालक रूप सिंह के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
मामले की शिकायत नाथूसरी चोपटा खंड के गांव राजपुरा साहनी के राम भगत की ओर से 14 जून 2021 को उपायुक्त को दी गई थी। जिसके बाद उपायुक्त ने मामले की जांच करवाने के लिए एसडीएम सिरसा को जिम्मेदारी सौंपी। ऐसे में एसडीएम ने मामले की जांच करते हुए इससे जुड़े सदस्यों के बयान दर्ज किए। जिसमें सभी अधिकारी व अन्य सदस्य दोषी मिले। ऐसे में अब अतिरिक्त मुख्य सचिव पंचायत विभाग के आदेशों पर नाथूसरी चोपटा पुलिस ने बीडीपीओ सहित पांच पर विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। हालांकि इस मामले में जांच के दौरान बैंक अधिकारी, कार्यालय क्लर्क सहित अन्य कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई थी।
पंचायत का कार्यकाल खत्म होने के बाद जारी करवा दी थी 31 लाख की रकम
पंचायतों का कार्यकाल 22 फरवरी 2021 को खत्म हो गया था। जांच में पाया कि बीडीपीओ के बतौर प्रशासक नियुक्त होने के बाद भी विवेक ने अपनी पावर से अधिक राशि 23 फरवरी के बाद जारी करवा दी। जिसमें उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग किया है। बीडीपीओ ने पद का दुरुपयोग करते हुए 31 लाख रुपये की राशि गांवों में चल रहे व्यायामशालाओं के निर्माण कार्य के लिए अलग-अलग चेक पर साइन कर जारी करवाई थी।
जोड़कियां और हंजीरा के स्कूलों में सोलर के लिए जारी कर दिए थे चेक
आरोप है कि गांव जोड़कियां और हंजीरा में स्थित स्कूलों में सोलर सिस्टम लगाने के लिए ग्राम सचिव ने मिलीभगत करते हुए छह लाख 95 हजार 575 रुपये का चैक तैयार कर सरपंच प्रतिनिधि योगेश पूनिया व कौशल सिंह एंड कंपनी के प्रतिनिधि रूप सिंह को दे दिया था। यह चेक भी पंचायत का कार्यकाल खत्म होने के बाद जारी किया गया था। हालांकि इस मामले में बीडीपीओ ने ग्राम सचिव से कह राशि वापस करवाने को लेकर भी आदेश दिए थे। जिसमें ग्राम सचिव के आदेशों के बाद राशि खातों में वापस डलवा दी गई। ऐसे में सरकारी फंड का दुरुपयोग करना पाया गया।
अतिरिक्त मुख्य सचिव हरियाणा सरकार पंचायती विभाग की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है। जिसमें बीडीपीओ नाथूसरी चोपटा व ग्राम सचिव सहित पांच पर पद का गलत इस्तेमाल करने व गांवों के फंड का दुरुपयोग करने के आरोप लगे है। पुलिस अब मामले की आगे की जांच करेगी।
-सत्यनारायण, अतिरिक्त थाना प्रभारी, नाथूसरी चोपटा।