जिले को नशा मुक्त बनाने की दिशा में प्रशासन गंभीरता के साथ कार्य कर रहा है। इसी कड़ी में बाल कल्याण परिषद शहर में दो नशा मुक्ति केंद्र स्थापित करेगा। उम्मीद है कि ये नशा मुक्ति केंद्र लोगों की नशा प्रवृति को समाप्त करने में सहायक सिद्ध होंगे। यह बातें उपायुक्त रमेश चंद्र बिढान ने वीरवार को कैंप कार्यालय में बाल कल्याण परिषद द्वारा शहर में नशा मुक्ति केंद्र स्थापित किए जाने बारे आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए कही। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त उत्तम सिंह, एसडीएम जयवीर यादव, सिटीएम कुलभूषण बंसल, जिला बाल कल्याण अधिकारी पूनम नागपाल उपस्थित थे।
उपायुक्त ने बताया कि प्रदेश में बाल कल्याण परिषद द्वारा सोनीपत, रोहतक व फरीदाबाद में नशा मुक्ति केंद्र पहले ही बनाए जा चुके हैं। सिरसा ऐसा चौथा जिला होगा जहां पर परिषद द्वारा दो नशा मुक्ति केंद्र बनाए जाएंगे। ये नशा मुक्ति केंद्र सिंघी काट मोहल्ला व बाल भवन में बनेंगे। पहले सिंघी काट मोहल्ला स्थित नशा मुक्ति केंद्र तैयार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन नशा मुक्ति केंद्र में जो लोग नशे की लिप्तता में शुरूआती दौर में हैं, उनकी काउंसलिंग कर उनकी नशा की लत को छुड़वाया जाएगा। जो व्यक्ति नशे से अधिक पीड़ित हैं, ऐसे लोगों को केंद्र में दाखिल कर चिकित्सा की जाएगी। ये नशा मुक्ति केंद्र जिला में बढ़ते नशा को खत्म करने में सहायक सिद्ध होंगे। उन्होंने कहा कि हमें न केवल स्वयं को नशे से बचना है, बल्कि दूसरों को भी इससे बचाना है। नशा मुक्ति अभियान में अधिक से अधिक युवाओं को जोड़ा जाए। युवा शक्ति का योगदान नहीं होगा तब तक इसे जड़मूल से खत्म नहीं किया जा सकता है। युवा शक्ति में अधिक ऊर्जा होती है। इस ऊर्जा को सकारात्मक कार्य में लगाया जाए। उन्होंने जिलावासियों से अपील करते हुए कहा कि नशा के खिलाफ लड़ाई में पहला काम स्वयं को नशे से बचाना है तथा दूसरा काम जो इससे ग्रस्त है, उन्हें बचाना है। जिला से नशा को जड़मूल से समाप्त करने में प्रशासन का सहयोग करें।
नशे में लिप्त व इससे मुक्त होने वालों की हिस्ट्री तैयार करने के निर्देश
उपायुक्त ने कहा कि जिला के ऐसे लोगों की हिस्ट्री तैयार की जाए जो नशे से लिप्त हैं और जिन्होंने नशे की लत से मुक्ति पा ली है। ऐसे लोगों की हिस्ट्री को उदाहरण के रूप में लोगों के बीच प्रस्तुत करके उन्हें जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि लोगों को इस बारे प्रेरित किया जाए कि नशे की लत से मुक्ति पाना कठिन नहीं है। इसके लिए उनके सामने नशे की प्रवृति से मुक्ति पाने वालों के अनुभव सांझा किए जाएं। इन नशा मुक्ति केंद्र में नशा पीड़ित के काउंसलिंग करने के साथ-साथ चिकित्सा भी की जाएगी। उन्होंने बताया कि नशा मुक्ति केंद्र में एक डॉक्टर, एक काउंसलर, फिल्ड के लिए तीन सदस्य स्टाफ के रूप में रखे जाएंगे। इनके अलावा पांच सदस्य फिल्ड में रहेंगे जो नशा पीड़ित लोगों को चिह्नित करेंगे और नशा छुड़वाने बारे जागरूक भी करेंगे।