सिरसा। शहर में बरसात के पानी की निकासी को लेकर नगर परिषद प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था की है। इस व्यवस्था से जहां कई क्षेत्रों में बरसाती पानी की निकासी हो पाई है। इस कारण लोगों ने राहत की सांस ली है।
कीर्ति नगर जैसे निचले क्षेत्रों में जन स्वास्थ्य विभाग और नगर परिषद की टीमों ने मिलकर काम किया है। जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से सीवरेज लाइनों के मैनहोल से टैंक भरवाकर उन्हें खाली किया। इससे गलियों में भरा पानी सीवर लाइन के माध्यम से उतर गया। यहां पहले तीन से चार दिन तक पानी का ठहराव होता था। इस बार 48 घंटे के अंदर अंदर प्रशासन ने निचले एरिया में व्यवस्था की है।
शहर के मुख्य बाजारों से बरसाती पानी की निकासी हो चुकी है लेकिन सड़कें टूट गई हैं। इन सड़कों पर दुपहिया वाहन चालकों का गुजरना मुश्किल हो गया है और हादसों का खतरा बना हुआ है। इसी को ध्यान में रखते हुए अब प्रशासन ने बिटुमिन बैग की जगह इंटरलॉकिंग सिस्टम से सड़कों के गड्ढों को दुरुस्त करने की योजना बनाई है। इसका फायदा यह होगा कि इंटरलॉकिंग ब्लॉक गड्ढों के साइज में पूरी तरह से सेट हो जाएंगे और वाहन चालकों को दिक्कत भी नहीं होगी।
बारिश से टूटी हुई गलियों का डिटेल तैयार करेगा विभाग : नगर परिषद के अधिकारियों द्वारा बारिश के अंदर टूटी , धंसी गलियों का डाटा तैयार किया जाएगा। इनमें से ठेकेदार के वारंटी पीरियड की सभी गलियों को ठेकेदार से दुरुस्त करवाया जाएगा। इसमें किसी प्रकार की कोई कोताही ठेकेदार बरतता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। शहर की 70 प्रतिशत गलियों का नवनिर्माण किया गया है। अधिकतर गलियां ठेकेदार के वारंटी पीरियड में हैं।