- मलबा उठान के लिए होगी विशेष व्यवस्था, ग्रीन बेल्ट और खाली जगहों पर नहीं डाल पाएंगे सीएनडी वेस्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। दिशा से लेकर साधारण बैठक में उठने वाली ग्रीन बेल्ट और मुख्य मार्गों पर मलबे के विवाद पर अब नगर परिषद विराम लगाने जा रही है। परिषद अब निर्माण एवं विध्वंस (सीएनडी) वेस्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए एक निजी एजेंसी हायर करेगी। एजेंसी पर ढाई करोड़ रुपये खर्च किया जाएगा। इससे शहर को स्वच्छ बनाने में मदद मिलेगी।
नगर परिषद के अधिकारियों के अनुसार, शहर के विभिन्न इलाकों, खासकर ग्रीन बेल्ट और खाली स्थानों पर अवैध रूप से मलबा डाला जा रहा है। इससे न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है बल्कि शहर की सुंदरता भी प्रभावित हो रही है। कई बार यह मलबा यातायात में बाधा उत्पन्न करता है। दुर्घटनाओं का कारण भी बनता है।
नई व्यवस्था के तहत चयनित एजेंसी को शहर भर से मलबा एकत्र करने और उसका उचित निस्तारण करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। इसके लिए ऑटो मार्केट के पास एक निर्धारित स्थान भी उपलब्ध कराया जाएगा। वहां मलबा जमा किया जाएगा और आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। एजेंसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर मलबे के पुनर्चक्रण (रिसाइक्लिंग) पर भी काम करेगी। इससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
कोई नहीं डाल पाएगा खुले में मलबा
नगर परिषद ने स्पष्ट किया है कि एजेंसी के कार्यभार संभालने के बाद कोई भी व्यक्ति या संस्था बिना अनुमति के कहीं भी मलबा नहीं डाल सकेगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और जुर्माना भी लगाया जा सकता है। इससे अवैध डंपिंग पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। अधिकारियों का मानना है कि इस पहल से शहर में साफ-सफाई की स्थिति में सुधार होगा।
मौजूदा समय में यह है स्थिति
शहर के रानियां बाईपास, रानियां बाईपास पर बनी ग्रीन बेल्ट, हिसार रोड, बेगू रोड, डबवाली रोड एयरफोर्स स्टेशन के आसपास, बरनाला रोड, मिनी बाईपास, रंगड़ी रोड क्षेत्र, कंगनपुर रोड क्षेत्र के अलावा शहर की खाली जगहों पर मलबा डाला जाता है। इस मलबे के कारण ग्रीन बेल्ट की हरियाली को नुकसान हो रहा है। हरे-भरे पेड़ सूख गए हैं। वहीं, खाली प्लाॅटों में मलबा डालने से व्यवस्था बिगड़ रही है।
कोट्स
सीएनडी वेस्ट को लेकर विशेष प्लानिंग की गई है। इसके तहत ढाई करोड़ रुपये का टेंडर लगाया गया है। एजेंसी हायर की जाएगी। इसके बाद कोई खुले में मलबा नहीं डाल पाएगा।
-जयवीर सिंह, सीएसआई, नगर परिषद