मंगलवार को नगर परिषद कार्यालय में सफाई व्यवस्था पर हंगामा करते हुए पार्षद बैठक का बहिष्कार कर गए। यह भी आरोप लगाया कि प्रशासन असहयोग कर रहा है। सरकार कर्मचारी पूरे करने की अपेक्षा उनके तबादले कर रही है। बहिष्कार के चलते बैठक रद्द कर दी गई। पार्षदों ने यह भी निर्णय लिया कि जब तक सरकार कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं करेगी, तब तक वे बहिष्कार जारी रखेंगे।
नगर परिषद के कार्यकारी सचिव नायब तहसीलदार जगदीश चंद्र की अध्यक्षता में सुबह 11 बजे नगर परिषद की दूसरी बैठक शुरू हुई। चेयरमैन सुमन रानी, उपचेयरमैन कृष्ण लाल बॉबी सहित सोलह पार्षद मौजूद थे। शुरुआत में ही बवाल शुरू हो गया। पार्षद विनोद बांसल, रमेश बागड़ी, टेकचंद छाबड़ा ने कहा कि शहर के विकास कार्यों को गति देने में प्रशासन का सहयोग नहीं मिल रहा। एक माह नौ दिन से ज्यादा समय हो गया है, अभी तक पिछली बैठक में हुई प्लानिंग अनुमोदित होकर नहीं आई है।
दूसरी ओर सरकार धड़ाधड़ अधिकारियों तथा कर्मचारियों के तबादले कर रही है। हालात यह हैं कि टेक्निकल शाखा में एक भी कर्मचारी नहीं। यहीं नहीं नगर परिषद में सिरसा के एक एमई तथा एकाउंटेंट की अतिरिक्त ड्यूटी डबवाली में है। वे आज तक कार्यभार संभालने नहीं आए। नगर परिषद की हालत यह है कि डेढ़ साल से लोगों के बिल फंसे हुए हैं। दीपावली पर जेसीबी चलाई थी, पेमेंट अभी भी बकाया है? चौटाला रोड पर बिजली ठीक करवाई थी बिल बकाया है?
पार्षदों के अनुसार एक दुकान पर नगर परिषद का ट्रैक्टर खड़ा है, उसकी बकाया पेमेंट नहीं हुई है। ऐसे में उसने ट्रैक्टर देने से मना कर दिया है। नायब तहसीलदार ने इस समस्या के समाधान का आश्वासन देकर शांत किया तो सफाई व्यवस्था बड़ा मुद्दा बन गई। सभी पार्षदों ने इस पर एसआई राजकुमार को घेर लिया। एसआई ने कहा कि शहर की आबादी 60 हजार है। कर्मचारी महज 60 हैं। इसमें से हर रोज सात कर्मचारी जज साहब के पास काम करते हैं। बाकी कर्मचारियों के पास न तो साधन है और न ही ट्रैक्टर। इसके बिना शहर की सफाई नहीं हो सकती।
पार्षदों तथा एसआई के बीच काफी देर तक कहासुनी हुई। पार्षदों ने प्रस्ताव पारित किया कि किसी भी सरकारी कार्यालय में नगरपरिषद का सफाई कर्मचारी नहीं जाएगा। इस दौरान सफाई कर्मचारी भी बैठक में घुस गए। उन्होंने सामान तथा साधनों की मांग की। पार्षद प्रशासन पर सहयोग न करने तथा कर्मचारी उपलब्ध न करवाने का आरोप लगाते हुए बैठक का बहिष्कार कर गए। जिसके बाद बैठक रद्द कर दी गई।
दो अक्तूबर के अभियान का विरोध
कार्यकारी सचिव जगदीश चंद्र ने दो अक्तूबर को अपने-अपने वार्ड को चकाचक करने के लिए पार्षदों को निर्देश दिए। पहले ही सफाई व्यवस्था पर विरोध दर्ज करवा रहे पार्षद बिगड़ गए। पार्षदों ने एकमत से कहा कि उनकी शर्त है, पहले शहर साफ करो, फिर हम वार्ड साफ करेंगे।
जब तक सरकार नगर परिषद में कर्मचारी या अधिकारी नहीं देगी, तब तक हम बैठक का बहिष्कार रखेंगे। कर्मचारियों की कमी से कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
-विनोद बांसल, पार्षद, वार्ड नंबर 14
मेरे पास नगर परिषद का अतिरिक्त चार्ज है। मैं पूरा सहयोग कर रहा हूं। उपायुक्त ने एमई तथा एकाउंटेंट की नियुक्ति की है। सिरसा में चुनाव के चलते उन्होंने ज्वाइनिंग नहीं की है। यहां तक कर्मचारियों का सवाल है, यह सरकार पर निर्भर है। आज की बैठक रद्द कर दी गई है।
-जगदीश चंद्र, कार्यकारी सचिव, नगर परिषद, डबवाली