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Sirsa News: अनदेखी का शिकार 15 लाख की योजना, शुरू होने से पहले ही दम तोड़ गया ‘रूरल हट’

Wed, 01 Feb 2023 07:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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ओढां में ग्राम स्वरोजगार योजना के तहत बनाए गए शेड। संवाद
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राजू
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ओढां। सरकार की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न योजनाओं के तहत करोड़ों रुपये की राशि खर्च की जाती है, लेकिन अधिकांश योजनाएं या तो राशि के अभाव में अटक कर रह जाती है या फिर बनने से पूर्व ही दम तोड़ जाती हैं। ऐसी ही एक योजना गांव ओढां में शुरू होने से पहले ही दम तोड़ गई। मौजूदा स्थिति ये है कि ये योजना अपना उद्देश्य तो पूरा नहीं कर पाई लेकिन खाली पड़ी जगह व बनाए गए कमरे व छोटे शेड लोगों के उपले व तूड़ी डालने के जरूर काम आ रहे हैं। वहीं इस बारे पंचायत विभाग के अधिकारियों ने कोई जानकारी न होने की बात कही है।
दरअसल ‘स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना’ के तहत कालांवाली रोड पर ‘रूरल हट’ बनाने का शिलान्यास तत्कालीन सांसद डॉ. अशोक तंवर ने 16 अक्तूबर 2011 को किया था। करीब 15 लाख रुपये की लागत से शुरू हुए इस कार्य के लिए 11 लाख रुपये की राशि का चेक खंड कार्यालय में भेजा गया था। इसका निर्माण कार्य खंड कार्यालय की ओर से ही किया जाना था। योजना के तहत शुरुआती दौर में कार्य ने रफ्तार पकड़ी जिसमें तीन कमरे, खाली जगह पर दुकानदारों को सामान रखने के लिए सात छोटे सीमेंटेड शेडों का निर्माण करवा दिया गया। लेकिन बाद में इस कार्य पर किसी ने रूचि नहीं दिखाई। परिणामस्वरूप ये योजना शुरू होने से पूर्व ही दम तोड़ कर रह गई। करीब 13 वर्ष का समय व्यतीत होने के बाद उक्त जगह पर 3 कमरे व सात छोटे झोपड़ीनुमा शेड हैं। संवाद
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ये थी योजना ‘स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना’ के तहत ओढां में ‘रूरल हट’ बनाने के लिए ग्राम पंचायत ने करीब आधा एकड़ भूमि का प्रस्ताव पारित किया था। योजना ये थी कि जो लोग खुले में सब्जियां व अन्य दुकानें लगाकर अपना रोजगार चलाते हैं वो बारिश या खराब मौसम में यहां अपनी दुकानें लगा सकें। इसके लिए सात शेडों का निर्माण करवाया गया, जबकि उनके सामने सामान रखने के लिए चबूतरे बनाने की जगह छोड़ी गई है। चहारदीवारी भी अधर में लटकी हुई है। स्थिति ये है कि इस्तेमाल न होने के चलते बनाए गए कमरे खस्ताहाल होते जा रहे हैं। उक्त कमरों को लोगों ने तूड़ी आदि डालने के लिए प्रयुक्त कर रखा है।

ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन योजना भी खटाई में
स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन योजना में हॉलनुमा शेडों का निर्माण किया गया था। इस योजना को अधिकारियों ने कागजों में तो चला रखा है, लेकिन ये योजना धरातल पर शुरू ही नहीं हो पाई। ओढां खंड में गांवों में इस योजना के तहत बनाए गए शेड कुछ जगह तो नशेड़ियों के काम आ रहे हैं तो वहीं कुछ जगहों पर लोगों का अतिक्रमण है। इस विषय में कुछ दिन पूर्व ओढां मेंं लगाए गए खुले दरबार में एडीसी को शिकायत दी गई थी। एडीसी द्वारा पूछे जाने पर पंचायत विभाग के अधिकारी बातों से इतिश्री करते नजर आए। इस शिकायत के बाद ग्राम सचिवों ने गांवों में जाकर इन शेडों की स्थिति देखकर औपचारिकता निभाते हुए शिकायत को रद्दी की टोकरी में डाल दिया।
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वर्जन
मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि यहां पर क्या बनना था और कितनी राशि आई थी। इस बारे पता किया जाएगा। -उमेद कुमार, पंचायत अधिकारी।

वर्जन
मुझे इस बारे कोई जानकारी तो नहीं है क्योंकि ये निर्माण कार्य हमारी पंचायत से पहले का है। हां अगर योजना सिरे चढ़ती तो दुकानदारों को काफी राहत मिलती। पंचायत इस बारे अधिकारियों से बातचीत करेगी। -संदीप सिंह, सरपंच (ओढां)।
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