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कपड़ों के हजारों साल पुराने डिजाइन पर कारीगरी कर आधुनिक लुक दे रही भावना : बेटी को डॉक्टर बनाना चाहते थे पिता पर शुरू किया स्टार्टअप, अब विदेशों से भी मिले रहे आर्डर

Mon, 30 Jan 2023 01:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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 भावना सोनी की ओर से तैयार की गई ड्रेस ।
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ऐलनाबाद (सिरसा)। आमतौर पर परिजनों का अपने बच्चों को लेकर सपना होता है कि वह पढ़ लिखकर सरकारी नौकरी या अफसर बने। यहां तक कि रिश्तेदारों का सुझाव भी अमल में लाकर बच्चों पर दबाव बनाया जाता है। ऐसी ही कहानी ऐलनाबाद के चंद प्रकाश सोनी की 24 वर्षीय लड़की भावना सोनी की है। भावना के पिता चाहते थे कि वो डॉक्टर बने। हालांकि भावना ने परिजनों को बिना बताए स्टार्टअप शुरू किया। इसमें हजारों साल पुराने कपड़ों के डिजाइन को आधुनिक तरीके से तैयार किया। आज विदेशों से भी उनके बनाए हुए कपड़ों को खरीदने के लिए आर्डर आ रहे हैं।
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भावना बचपन से ही गुड्डे गुड़ियों के साथ खेलते हुए उनके नए-नए ड्रेस डिजाइन करती थी। उसने फैशन डिजाइनर बनने का सपना संजोया। भावना को परिजन कहने लगे कि तुम पढ़ाई नहीं करना चाहती, इसलिए बहाने बना रही हो। इसका जवाब भावना ने वर्ष 2021 में एफएसीटी फोरेंसिक एप्टीट्यूड कैलिबर की परीक्षा पास करके दिया। उसने घर वालों से कहा कि मैं पढ़ सकती हूं, लेकिन मुझे ड्रेस डिजाइन का काम करना है। पिता के कहने पर फोरेंसिक साइंस में मास्टर डिग्री भी की।

मास्टर डिग्री के बाद चंडीगढ़ में सेंट्रल फोरेंसिक लैब में अभ्यास शुरू कर दिया। कोरोना महामारी के समय जब लाकडाऊन लगा, तो अपने बचपन के सपने को उड़ान देने के लिए भावना ने परिवार से छुपकर विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफार्म पर फैंसी ड्रेस बेचने का काम शुरू किया। इसी दौरान कुछ उनके मन में नया करने का विचार आया। उन्हाेंने पुरानी भारतीय हस्तकला चिकनकारी, मुकेश हस्तकला से कपड़े डिजाइन करने शुरू किए। सोशल नेटवर्किंग के जरिये कारीगरों को साथ लेकर हजारों साल पुरानी कला को आधुनिकता के साथ संगम कर नए-नए ड्रेस डिजाइन किए, जो लोगों को काफी पसंद आए। ऑनलाइन प्लेटफार्म पर बेचने शुरू किए तो भारत ही अन्य देशों से भी ऑर्डर आने लगे। इसके बाद ऐलनाबाद के वार्ड नंबर 15 में अपने घर पर ही एक शोरूम खोलकर काम शुरू कर दिया। यहां पर 15 से ज्यादा महिलाएं काम कर रही हैं। इस स्टार्टअप से भावना लाखों रुपये सालाना कमा रही हैं। संवाद
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लखनऊ व जयपुर के हस्तकला कारीगरों से ली जाती है मदद

भावना सोनी उत्तर प्रदेश के लखनऊ व राजस्थान के जयपुर के हस्तकला के कारीगरों की मदद से एथिक थ्रेड ब्रांड के कपड़े बनाकर दुनिया के कई देशों में व्यापार कर रही है। इससे भावना ना केवल आत्मनिर्भर बनी, बल्कि छोटे कारीगरों की कला का लोहा दुनिया भर में मनवा ही है।



पहले खुद की पहचान करो, फिर तराशो : भावना

भावना सोनी का कहना है कि पहले खुद की पहचान करो कि हम क्या कर सकते हैं। इसके बाद खुद को तराशो। इससे ना केवल अच्छी आय और सफलता मिलेगी, बल्कि संतुष्टि व खुशी भी मिलेगी। खुद को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ अन्य को भी रोजगार देगा।
बेटी को डॉक्टर बनाना चाहते थे पिता पर भावना ने शुरू किया स्टार्टअप, अब विदेशों से भी आ रहे आर्डर



फोटो : 23 व 24

जगतार समालसर

ऐलनाबाद (सिरसा)। आमतौर पर परिजनों का अपने बच्चों को लेकर सपना होता है कि वह पढ़ लिखकर सरकारी नौकरी या अफसर बने। यहां तक कि रिश्तेदारों का सुझाव भी अमल में लाकर बच्चों पर दबाव बनाया जाता है। ऐसी ही कहानी ऐलनाबाद के चंद प्रकाश सोनी की 24 वर्षीय लड़की भावना सोनी की है। भावना के पिता चाहते थे कि वो डॉक्टर बने। हालांकि भावना ने परिजनों को बिना बताए स्टार्टअप शुरू किया। इसमें हजारों साल पुराने कपड़ों के डिजाइन को आधुनिक तरीके से तैयार किया। आज विदेशों से भी उनके बनाए हुए कपड़ों को खरीदने के लिए आर्डर आ रहे हैं।



भावना बचपन से ही गुड्डे गुड़ियों के साथ खेलते हुए उनके नए-नए ड्रेस डिजाइन करती थी। उसने फैशन डिजाइनर बनने का सपना संजोया। भावना को परिजन कहने लगे कि तुम पढ़ाई नहीं करना चाहती, इसलिए बहाने बना रही हो। इसका जवाब भावना ने वर्ष 2021 में एफएसीटी फोरेंसिक एप्टीट्यूड कैलिबर की परीक्षा पास करके दिया। उसने घर वालों से कहा कि मैं पढ़ सकती हूं, लेकिन मुझे ड्रेस डिजाइन का काम करना है। पिता के कहने पर फोरेंसिक साइंस में मास्टर डिग्री भी की।

मास्टर डिग्री के बाद चंडीगढ़ में सेंट्रल फोरेंसिक लैब में अभ्यास शुरू कर दिया। कोरोना महामारी के समय जब लाकडाऊन लगा, तो अपने बचपन के सपने को उड़ान देने के लिए भावना ने परिवार से छुपकर विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफार्म पर फैंसी ड्रेस बेचने का काम शुरू किया। इसी दौरान कुछ उनके मन में नया करने का विचार आया। उन्हाेंने पुरानी भारतीय हस्तकला चिकनकारी, मुकेश हस्तकला से कपड़े डिजाइन करने शुरू किए। सोशल नेटवर्किंग के जरिये कारीगरों को साथ लेकर हजारों साल पुरानी कला को आधुनिकता के साथ संगम कर नए-नए ड्रेस डिजाइन किए, जो लोगों को काफी पसंद आए। ऑनलाइन प्लेटफार्म पर बेचने शुरू किए तो भारत ही अन्य देशों से भी ऑर्डर आने लगे। इसके बाद ऐलनाबाद के वार्ड नंबर 15 में अपने घर पर ही एक शोरूम खोलकर काम शुरू कर दिया। यहां पर 15 से ज्यादा महिलाएं काम कर रही हैं। इस स्टार्टअप से भावना लाखों रुपये सालाना कमा रही हैं। संवाद



लखनऊ व जयपुर के हस्तकला कारीगरों से ली जाती है मदद

भावना सोनी उत्तर प्रदेश के लखनऊ व राजस्थान के जयपुर के हस्तकला के कारीगरों की मदद से एथिक थ्रेड ब्रांड के कपड़े बनाकर दुनिया के कई देशों में व्यापार कर रही है। इससे भावना ना केवल आत्मनिर्भर बनी, बल्कि छोटे कारीगरों की कला का लोहा दुनिया भर में मनवा ही है।



पहले खुद की पहचान करो, फिर तराशो : भावना

भावना सोनी का कहना है कि पहले खुद की पहचान करो कि हम क्या कर सकते हैं। इसके बाद खुद को तराशो। इससे ना केवल अच्छी आय और सफलता मिलेगी, बल्कि संतुष्टि व खुशी भी मिलेगी। खुद को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ अन्य को भी रोजगार देगा।
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