सिरसा। हरियाणा पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने गांव नरेल खेड़ा से नशा मुक्त गांव की शुरुआत की। डीजीपी शत्रुजीत कपूर ने शुक्रवार को नरेल खेड़ा गांव में आयोजित समारोह में हिसार मंडल के 20 गांवों को नशा मुक्त होने पर सम्मान पत्र प्रदान किए। उन्होंने कहा कि इन सभी गांवों को नशा मुक्त बनाने में महिलाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके लिए वो बधाई की पात्र हैं।
महिलाएं जिस तरह अपनी भूमिका का निर्वहन करती हैं। यदि पुरुष उसका 10 प्रतिशत भी करने लगे तो समाज से हर बुराई खत्म हो जाए। किसी भी गांव को जब नशा मुक्त घोषित किया जाता है तो उसके मापदंड है कि उस गांव में किसी तरह का नशा बेचा नहीं जाता है और उस गांव के नशे की गिरफ्त में आए सभी व्यक्ति नशे से दूर हो चुके हैं या अपना इलाज करवा रहे हैं। डीजीपी ने कहा कि सिरसा, फतेहाबाद और डबवाली सीमावर्ती जिला होने के कारण नशे से सबसे अधिक प्रभावित जिले हैं। यहां पर चिट्टा सहित दवाई का नशा भी काफी प्रचलन में है।
नशे पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने एकीकृत योजना बना रखी है। जिसमें विभिन्न विभागों के सहयोग से नशे पर अंकुश लगाने का प्रयास किया जा रहा है। डीजीपी ने कहा कि हम सभी को नशे के खिलाफ एकजुट हो कर लड़ाई लड़नी है। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक सिरसा विक्रांत भूषण, पुलिस अधीक्षक डबवाली सुमेर सिंह, पुलिस अधीक्षक फतेहाबाद आस्था मोदी, पुलिस अधीक्षक हिसार मोहित हांडा, पुलिस अधीक्षक हांसी मकसूद अहमद, पुलिस अधीक्षक जींद सुमित कुमार, एएसपी सिरसा दिप्ती गर्ग मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान एडीजीपी श्रीकांत जाधव ने बताया कि एक तरफ जहां नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही ही है। वही पूरे मंडल में जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस द्वारा नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के सार्थक परिणाम सामने आ रहे हैं। ग्राम पंचायतें तथा अन्य सामाजिक संगठन इस मुहिम में कारगर भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार नशे के प्रति काफी सजग है। प्रदेश से नशे को खत्म करने के लिए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो बनाया गया है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि यदि उनके आसपास कोई व्यक्ति नशे करने या इसके कारोबार में संलिप्त पाया जाता है तो इसकी सूचना पुलिस को तुरंत दें। उन्होंने कहा कि जब फौज अपनी जान पर खेल कर देश को बचा सकती है तो हम सब भी सजग व सक्रिय होकर अपने क्षेत्र को नशे से बचा सकते हैं। उन्होंने कहा कि निर्भय बने क्योंकि निर्भय व्यक्ति हर मुश्किल हालात को बदलने की ताकत रखता है ।
नशे के खिलाफ जागरूक करने के लिए एक लघु नाटिका दिखाई
डेरा बाबा भूमण शाह गद्दीनशीन संत ब्रहमदास ने नशा मुक्ति अभियान में पुलिस के कार्य की सराहना की और जनसमूह से अपील करते हुए कहा कि वे समाज को नशा मुक्त करने में प्रशासन का सहयोग करें। इस अवसर पर लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक करने के लिए एक लघु नाटिका दिखाई गई । इस अवसर पर नशा छोड़ने वाले युवाओं एवं उनके परिजनों ने अपनी आपबीती सुनाते हुए नशा छोड़ने के अपने सफर के बारे में बताया और लोगों को बताया कि किस तरह नशा छोड़ने के उपरांत उनके व उनके परिवार की परिस्थितियां सुधरी है।
इन सरपंचों को किया सम्मानित
सरपंच दलबीर सिंह, सरपंच प्रीतम सिंह, सरपंच सुमन देवी, सरपंच रमेश कुमार, सरपंच छिंदर पाल, सरपंच राधा रानी, सरपंच शीतल रानी, सरपंच सुमन देवी, सरपंच बलजीत सिंह, सरपंच सुरेश कुमार, सरपंच अंजुबाला, सरपंच विजय कुमार, संरपंच मनजीत कौर, संरपच चिमन लाल, सरपंच मंजुबाला, संरपंच कैलाश चंद्र, सरपंच समेष्ता, सरपंच रिंकु सिंह, सरपंच हरपाल सिंह और सरपंच हरदीप सिंह शामिल रहे ।
सिरसा व फतेहाबाद के ये गांव हुुए नशा मुक्त
गांव मताना, ढाणी चानन ,गांव गिल्लाखेड़ा , गांव सिरढान, गांव बनावली, गांव कुम्हारिया , गांव केलनिया, गांव झोरडनाली, गांव चामल गांव धनूर, गांव जण्डवाला जाटान, गांव ढाणी ठोबा, गांव फुलकां, गांव मोचीवाली, गांव बग्गुवाली, गांव मौजुखेड़ा, गांव नरेलखेड़ा, गांव खान मोहम्मद ,गांव भोडा होशनाक , गांव बनावाली सोत्तर।