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Sirsa News: नमी के कारण नहीं बिक पा रही सरसों, आढ़ती हड़ताल को लेकर आज लेंगे निर्णय

Fri, 29 Mar 2024 11:43 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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सिरसा। सरसों की सरकारी खरीद में नमी की मात्रा ज्यादा होना बड़ी बाधा बन रहा है। जबकि अभी तक मंडियों में बड़ी तादाद में सरसों पहुंचनी शुरू नहीं हुई है। अभी कुछ ही किसान मंडियों में सरसों की फसल लेकर पहुंच रहे हैं। वहीं सरसों का ऑनलाइन पंजीकरण नहीं करवाने के कारण भी किसानों को परेशानी उठानी पड़ रही है। आढ़ती भी सरसों पर कमीशन नहीं मिलने और गेहूं पर कम कमीशन मिलने को लेकर अपनी नाराजगी जता रहे हैं। इन्ही सब मुद्दों को लेकर शनिवार को जनता भवन में दोपहर बाद आढ़ती एसोसिएशन बैठक कर आगामी रणनीति बनाएंगे।
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बता दें कि शुक्रवार को जिले भर की मंडियों में 13 हजार 400 क्विंटल सरसों की सरकारी खरीद हुई। अभी तक हैफेड की ओर से ही मुख्य रूप से सरसों की खरीद की जा रही है। एडीसी डाॅ. विवेक भारती ने भी शुक्रवार को मंडी का निरीक्षण किया और सरसों की खरीद की स्थिति जानी ।
इस प्रकार है सरसों की सरकारी खरीद
26 मार्च शून्य
27 मार्च - 566 क्विंटल
28 मार्च - 1392 क्विंटल
29 मार्च - 13400 क्विंटल
एमएसपी पर हो रही है खरीद
सरकार की ओर से एमएसपी पर सरसों की खरीद की जा रही है। शुक्रवार को 5650 रुपये के हिसाब से सरसों की खरीद हुई है। नियमानुसार एक दिन में एक किसान की 25 क्विंटल सरसों की ही खरीद की जा रही है। हैफेड की ओर से सरकारी खरीद मेरी फसल मेरा ब्योरा के तहत की जा रही है। किसानों को सरसों बेचने के लिए पोर्टल पर पंजीकरण करवाना जरूरी थी। तभी वह एमएसपी पर अपनी फसल को बेच सकते हैं। यही कारण है कि सरकारी के मुकाबले प्राइवेट सरसों की खरीद ज्यादा है। आंकड़ों पर गौर करें तो 34 हजार 732 क्विंटल की प्राइवेट खरीद अब तक हो चुकी है।
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यह है आढ़तियों की मांग
आढ़़तियों की मांग है कि किसानों की सभी फसलें जैसे कॉटन, सरसों, सूरजमुखी, बाजरा इत्यादि और अन्य सभी फसलें एमएसपी पर आढ़तियों के माध्यम से ही खरीदे। आढ़त पूरी 2.5 प्रतिशत मिलनी चाहिए जो कि गेहूं पर लगभग 57 रुपये व धान पर 55 बनती है। सरकार सरसों व कॉटन हैफेड और कॉटन कारपोरेशन ऑफ इंडिया के माध्यम से सीधे किसानों से खरीद रही है, जिससे उनका कोई कमीशन नहीं बन रहा है। सरकार से मांग है कि सभी फसलें आढ़तियों के माध्यम ही खरीदी जाए और पूरी 2.5 प्रतिशत आढ़त अदा की जाए या सरकार सरसों और कॉटन को भी भावांतर भरपाई योजना के अंतर्गत खरीद करें जिससे कि एपीएमसी मंडिया खत्म होने से बच सकें। इसके अलावा पिछले 4 साल से एमएसपी का भुगतान सीधे किसानों को दिया जाने लगा है। इस से आढ़तियों के साथ-साथ किसानों में भी रोष है। सरकार से मांग है कि सभी फसलों का भुगतान किसान की सहमति अनुसार आढ़ती या किसान के स्वयं के खाते में अदा किया जाना चाहिए।

किसानों ने कहा कि सरसों में नमी बन रही परेशानी
मंडी में सरसों की फसल लेकर पहुंचे किसान किशनलाल व देसराज ने बताया कि सरसों की फसल में ज्यादा नमी होने के कारण फसल की खरीद नहीं हो पा रही है। नमी के अलावा सरकार के पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन न होने से फसल को एमएसपी पर नहीं बेच पा रहे हैं। जिसके कारण मजबूरन उन्हें अपनी फसल प्राइवेट बेचनी पड़ रही है।
आढ़तियों को सरसों पर सरकार की ओर से कोई कमीशन नहीं दिया जा रहा। वहीं गेहूं पर भी बहुत कम कमीशन है। इसी को लेकर शनिवार को दोपहर बाद जनता भवन में बैठक करेंगे और आगामी रणनीति बनाई जाएगी।
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-मनोहर मेहता, प्रधान, आढ़ती एसोसिएशन
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