फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sirsa News: सरसों का कटान शुरू, उखेड़ा रोग से उत्पादन में गिरावट की आशंका

विज्ञापन
विज्ञापन
ओढां। गेहूं की फसल को आने में जहां 40 से 45 दिन का समय लगेगा। वहीं सरसों की अगेती फसल का कटान शुरू हो गया है। ओढां खंड में इस बार करीब 10 हजार हेक्टेयर में सरसों की बिजाई हुई है। सरसों की फसल में उखेड़ा रोग देखा जा रहा है। जिसके चलते उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका जताई जताई जा रही है। किसानों के अनुसार उखेड़ा रोग की वजह से उत्पादन पर 40 से 50 प्रतिशत तक नुकसान का अनुमान है।
विज्ञापन

बता दें कि गांव नुहियांवाली निवासी जगदीश सहारण, लीलाधर जोशी, रामकुमार नेहरा, भजन लाल सहारण, मा. भागीरथ स्वामी आदि ने बताया कि शुरुआत में सरसों की फसल काफी अच्छी थी। जिसके चलते प्रति एकड़ 10 से 12 क्विंटल उत्पादन की उम्मीद थी। फसल पकाव के अंतिम पड़ाव में उखेड़ा रोग के कारण उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। किसानों के मुताबिक मौसम में लंबे समय तक नमी रहने के चलते उत्पादन पर असर पड़ा है। वैसे इस बार किसानों ने पिछले साल के बजाय सरसों की बिजाई अधिक की है।
किसान रामकुमार नेहरा के मुताबिक पिछले साल उसकी 6 एकड़ में सरसों की फसल थी, इस बार 10 एकड़ में बिजाई की है। अच्छे उत्पादन का अनुमान था, लेकिन मौसम में आए बदलावों ने सरसों को नुकसान पहुंचाया है।। सरकार को चाहिए कि किसानों को साथ लेकर क्रॉप कटिंग करते हुए मुआवजा राशि तय करे ताकि किसानों की मदद हो सके।
विज्ञापन

किसान लीलाधर जोशी के मुताबिक उसने इस बार 9 एकड़ में सरसों की बिजाई की है। अगेती व पिछेती दोनों किस्मों में उखेड़ा है। किसान ने बताया कि सरसों जब पूरे पकाव पर आ गया है, तब उखेड़ा रोग सामने आया है। करीब 20 दिन पूर्व तक फसल ठीक थी। वहीं किसान जगदीश सहारण ने इस बार 4 एकड़ में सरसों की बिजाई की हुई है। उसकी फसल पर भी रोग का प्रभाव है।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें