मुख्यातिथि को सम्मानित करते हुए डॉ. शमीम शर्मा।
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जेसीडी विद्यापीठ में स्थापित शिक्षण महाविद्यालय के सभागार कक्ष में हिंदी साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद की 139 वीं जयंती तथा शहीद-ए-आजम ऊधम सिंह के शहीदी दिवस पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें चौ. देवीलाल विश्वविद्यालय सिरसा के अंग्रेजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. पंकज शर्मा ने बतौर मुख्य वक्ता एवं अतिथि शिरकत किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जेसीडी विद्यापीठ की प्रबंध निदेशक डॉ. शमीम शर्मा ने की। डॉ. जयप्रकाश ने कहा कि प्रेमचंद एक अकेले ऐसे हिंदी साहित्यकार हैं जिनकी उस समय देखी-सुनी समस्याएं जिन्हें उन्होंने अपनी रचनाओं में उतारा। वहीं उन्होंने इस मौके पर अपने संबोधन में शहीदे-ए-आजम ऊधम सिंह के बलिदान के बारे में भी विद्यार्थियों एवं अन्य को अवगत करवाया। डॉ. शमीम शर्मा ने कहा कि आज दो महान शख्सियतों का दिवस है, जिनमें एक का जन्म हुआ तथा दूसरे शहीद-ए-आजम देशहित के लिए अपने प्राणों की आहुति दे गए। युवाओं को प्रेरणा देकर गए कि देशहित में अगर प्राण भी न्योछावर करने पड़े तो हंसकर करना चाहिए।
बतौर मुख्यातिथि एवं मुख्य वक्ता अपने संबोधन में डॉ. पंकज शर्मा ने कहा कि मुंशी प्रेमचंद के प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी जब उनके द्वारा दिखाए गए रास्तों का आज हम अनुसरण करें और हिंदी के प्रति मान-सम्मान रखते हुए इसे अपनाएं। डॉ. राजेंद्र कुमार ने कहा कि साहित्य हमें ज्ञान प्रदान करने के साथ-साथ अनेक सामाजिक बुराईयों से अवगत करवाने के साथ-साथ इनसे निपटने का भी रास्ता दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को साहित्य को पढना चाहिए तथा उससे ज्ञान अर्जित करना चाहिए। इस मौके पर जेसीडी विद्यापीठ के विभिन्न कॉलेजों के प्राचार्यगण डॉ. जयप्रकाश, डॉ. अरिंदम सरकार, डॉ. दिनेश गुप्ता, डॉ. राजेंद्र कुमार, डॉ. अनुपमा सेतिया सहित अन्य अधिकारीगण एवं विद्यार्थी भी मौजूद रहे।