संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। न्यायालय में मजिस्ट्रेट से अभद्र भाषा में बात करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामले में आरोपी नगर पार्षद को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने दोषी करार देते हुए एक साल कैद व पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। इस मामले में थाना कालांवाली पुलिस ने मार्च 2020 में कालांवाली उपमंडल अधिकारी की शिकायत पर अभियोग दर्ज किया था।
पुलिस को दी शिकायत में 3 मार्च 2020 को उपमंडल अधिकारी निर्मल नागर ने बताया कि कालांवाली का नगर पार्षद संदीप वर्मा 3 मार्च 2020 को दोपहर करीब ढाई बजे न्यायालय में किसी अन्य व्यक्ति की देरी से विवाह पंजीकरण करने की फाइल लेकर आया था। नगर पार्षद को विवाह पंजीकरण की फाइल रविदास व पूजा रानी के माता पिता व गवाह को पेश करने के लिए कहा गया तो वह अभद्र भाषा में बात करने लगा और जाति सूचक गालियां देने लगा। इसके अलावा मजिस्ट्रेट को बाहर आने की धमकी देने लगा। पुलिस ने आरोपी पार्षद संदीप वर्मा के खिलाफ अभियोग दर्ज करके उसे गिरफ्तार कर लिया। वीरवार को इस मामले का निपटारा करते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुलदीप सिंह ने नगर पार्षद संदीप वर्मा को दोषी करार देते हुए एक साल कैद की सजा सुना दी।