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Sirsa News: सांसद सैलजा बोलीं- महंगे ऋण से व्यापार, उद्योग और रोजगार पर बढ़ रहा बोझ

Thu, 08 Oct 2026 10:31 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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सिरसा। महंगे ऋण से व्यापार, उद्योग और रोजगार पर बढ़ते बोझ को लेकर सिरसा की सांसद व पूर्व केंद्रीय कैबिनेट मंत्री कुमारी सैलजा ने चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि ऊंची ब्याज दरों से कारोबारियों, छोटे उद्यमियों और मध्यम वर्ग की वित्तीय मुश्किलें बढ़ती हैं। इससे रोजगार के नए अवसर भी प्रभावित होते हैं।
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सैलजा ने कहा कि रेपो दर में बढ़ोतरी का असर सीधे कर्जदारों की ईएमआई पर पड़ता है। सरकार को व्यापार और उद्योग को राहत देने के लिए सस्ती ऋण व्यवस्था विकसित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि व्यापार और उद्योग को प्रोत्साहन दिए बिना विकसित भारत का सपना साकार नहीं हो सकता।
उन्होंने कहा कि कई विकसित देशों में व्यावसायिक ऋण भारत की तुलना में कम ब्याज दरों पर उपलब्ध हैं। भारत में भी छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए सस्ती तथा सुलभ ऋण व्यवस्था जरूरी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की नीति रोजगार सृजन, लघु उद्योगों के संरक्षण और आर्थिक अवसरों के विस्तार की रही है।
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सैलजा ने कहा कि 50 लाख रुपये के गृह ऋण पर ब्याज दर में महज 0.25 प्रतिशत अंक की वृद्धि से 25 वर्ष में करीब 2.45 लाख रुपये का अतिरिक्त ब्याज देना पड़ सकता है। महंगा व्यावसायिक ऋण उत्पादन लागत बढ़ाता है। इससे नए रोजगार पैदा करने की क्षमता भी प्रभावित होती है।
उन्होंने केंद्र सरकार और रिजर्व बैंक से महंगाई, ब्याज दर, रोजगार और व्यापार पर पड़ने वाले प्रभावों की समग्र समीक्षा की मांग की। साथ ही छोटे व्यापारियों, स्वरोजगार करने वाले युवाओं और एमएसएमई को राहत देने के लिए प्रभावी कदम उठाने को कहा।
गंगा मैया से भ्रष्टाचार और संविधान विरोधी ताकतों से मुक्ति की प्रार्थना
हरिद्वार में गंगा स्नान के दौरान सैलजा ने केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उन्होंने देश को भ्रष्ट सरकार और भ्रष्ट मुख्य चुनाव आयुक्त से मुक्ति की प्रार्थना की है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने भाजपा के एजेंट की तरह काम किया है। उनका दावा है कि दो अन्य चुनाव आयुक्तों ने उनकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
सैलजा ने एसआईआर प्रक्रिया को लेकर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि अन्य चुनाव आयुक्तों की सहमति नहीं थी। मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए कांग्रेस उसके फैसले का इंतजार करेगी। उन्होंने कहा कि संविधान, निष्पक्ष चुनाव और लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता के लिए कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा।
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