सिरसा। सिरसा की सांसद व कांग्रेस कार्यसमिति की सदस्य कुमारी सैलजा ने कहा कि लंबे समय से सत्ता में रही सरकार के प्रति जनता का भरोसा कमजोर हुआ है। बेरोजगारी, युवाओं में बढ़ता नशा, कानून-व्यवस्था और रोजमर्रा के कामों में आ रही परेशानियों ने सरकार के दावों पर सवाल खड़े किए हैं। जनता अब बैठकों और घोषणाओं के बजाय धरातल पर काम और समस्याओं का समयबद्ध समाधान चाहती है।
सैलजा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हरियाणा के भाजपा विधायकों की बैठक के बाद यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या भाजपा नेतृत्व को प्रदेश की मौजूदा परिस्थितियों और जनता की समस्याओं का अहसास हुआ है। सरकार को जनता के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुननी चाहिए। केवल बैठकें, प्रचार और बड़े दावे भरोसा वापस नहीं दिला सकते।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में विभिन्न वर्ग अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं। सरकारी कर्मचारी भी आंदोलनों का रास्ता अपना रहे हैं। शहरों और नगरों में बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं बनी हुई हैं। आम नागरिकों को अपने काम करवाने में परेशानी हो रही है।
सैलजा ने कहा कि शासन का अर्थ केवल पोर्टल और घोषणाएं करना नहीं है। लोगों को सुगम व्यवस्था उपलब्ध करवाना और समस्याओं का समाधान सरकार की जिम्मेदारी है। बैठक का परिणाम यदि जनता के हित में है तो उसका असर धरातल पर भी दिखाई देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं को रोजगार, महिलाओं और आम नागरिकों को सुरक्षित माहौल, नशे पर प्रभावी अंकुश और बेहतर कानून-व्यवस्था चाहिए। कर्मचारियों की जायज मांगों का समाधान होना चाहिए। गांवों और शहरों में विकास की गति बढ़नी चाहिए।
लोकतंत्र में अंतिम फैसला जनता का होता है। जनता का विश्वास काम, पारदर्शिता और जवाबदेही से ही हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के खिलाड़ियों ने मंच पर देश का मान बढ़ाया है। एशियाई खेलों में भारत ने कुल 85 पदक जीते। उपलब्ध आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार हरियाणा के खिलाड़ियों ने 14 स्वर्ण सहित कुल 32 पदक जीते हैं।