सिरसा। सांसद सैलजा ने भाजपा सरकार के विकास मॉडल पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह मॉडल बारिश के पानी में तैरता दिखाई दे रहा है। नई दिल्ली के अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, गुरुग्राम और हरियाणा के शहरों में बारिश से जलभराव सरकारी दावों की पोल खोल रहा है। शहरों में कचरे के ढेर, प्रभावित सीवर व्यवस्था और स्वच्छ पेयजल की कमी है।
सैलजा ने कहा कि करोड़ों रुपये प्रचार पर खर्च कर विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे के दावे होते हैं पर बारिश में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट तालाब जैसा दिखता है। यात्रियों को पानी से गुजरना पड़ता है और उड़ानें प्रभावित होती हैं। उन्होंने सवाल किया कि जब राजधानी की सड़कें और एयरपोर्ट जलभराव से सुरक्षित नहीं, तो यह विकास मॉडल किसके लिए है।
गुरुग्राम में मामूली बारिश से सड़कें जलमग्न होती हैं, लंबे जाम लगते हैं और लोगों को घंटों परेशानी होती है। फरीदाबाद, सोनीपत, पानीपत, रोहतक, हिसार, सिरसा, अंबाला और यमुनानगर सहित कई शहरों में भी यही स्थिति है, जहां सीवर का गंदा पानी और कचरे के ढेर बीमारियों को न्योता दे रहे हैं।
सैलजा ने बताया कि हरियाणा के सफाई कर्मचारी एक महीने से आंदोलनरत हैं। पर सरकार समाधान के बजाय टकराव का रास्ता अपना रही है। मांगें सुनने और बातचीत से समाधान निकालने के बजाय, उनके खिलाफ बल प्रयोग, हिरासत और दमनात्मक कार्रवाई की शिकायतें गंभीर हैं।