सिरसा। जिले में बारिश के बाद उत्पन्न हुई बाढ़ जैसी हालत का आउटपुट आना शुरू हो गया है। बारिश और बाढ़ के जमा पानी में पनपे मच्छरों ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। इसके कारण जिले में अब तक डेंगू और मलेरिया के 31 केस मिले हैं। इनमें से शहरी इलाके के साथ ग्रामीण इलाके भी शामिल हैं। शहरों में जहां अब तक डेंगू के 11 केस मिले हैं वहीं ग्रामीण इलाके में 9 केस मिल हैं।
इसी प्रकार शहर में मलेरिया के शहर में आठ केस मिले हैं तो ग्रामीण इलाके में तीन केस पाए गए हैं। मच्छरों के कहर को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग भी पूरी तरह से अलर्ट हो गया है। जिले में स्वास्थ्य विभाग ने कर्मचारियों की जिम्मेदारियां बढ़ा दी है। वहीं, मिले में मिल रहे केसों की निगरानी के लिए स्वास्थ्य विभाग की 52 टीमें दिन रात काम कर रही है।
इस बार हुई भारी बारिश ओर बाढ़ ग्रसित इलाकों के प्रभाव से अन्य वर्षों के मुकाबले डेंगू और मलेरिया के केसों में काफी इजाफा होने वाला है। जिले में शहरी और ग्रामीण इलाकों से अब तक डेंगू के 20 केस मिल हैं। इसमें से 14 मरीजों को इलाज के बाद घर भेज दिया गया है तो छह मरीजों का इलाज किया जा रहा है। मलेरिया के अब तक कुल 11 केस मिले हैं, जिनमें से नौ को इलाज के बाद घर भेज दिया है तो दो का इलाज चल रहा है।
भारूखेड़ा सहित अन्य गावों में मिले मरीज
भारूखेड़ा में पांच तो कुत्ताबढ़ में एक, लकड़ावाली में दो, शमशाबादपट्टी में एक व शहर के कीर्ति नगर सहित अन्य इलाकों से अब तक डेंगू के मरीज मिले हैं। वहीं हैरानी की बात तो यह है कि नागरिक अस्पताल के ट्रेनिंग स्कूल में भी एक डेंगू केस पाया गया है, जो बेहद चिंताजनक है।
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गंदे पानी के कारण मच्छर पनप रहे
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार शहर के अनेकों हिस्सों में सीवरेज का गंदा पानी और खाली प्लाटों में जमा गंदे पानी के कारण मच्छर आदि पनप रहे हैं। इससे आमजन में बीमारियां फैल रही हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की ओर से करीब पांच बार इसकी व्यवस्था बनाने के लिए जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को पत्राचार किया गया है। उनके कानों तले जूं तक नहीं रेंग रही है। ऐसे में अधिकारी के अनुसार बुधवार को भी संबंधित विभाग को पत्र भेज कर कार्रवाई के भेजा गया है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग की टीमों के अनुसार अब तक लारवा मिलने पर 1200 मकान मालिकों को नोटिस जारी किए गए हैं।
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जिले में डेंगू व मलेरिया की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की 55 टीमें ग्राउंड में काम कर रही हैं। जहां- जहां लारवा मिल रहा है वहां लोगों का नोटिस सहित जागरूक किया जा रहा है। वहीं, जमा पानी, नालियों व तालाबों में दवा डालकर छिड़काव किया जा रहा है। जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में डेंगू व मलेरिया के मरीजों के लिए दवा व बैड का प्रबंध किया गया है। लोगों से अपील है कि आपके आस पास कहीं पानी जमा है तो उसकी सूचना दें और जमा पानी में काला तेल लेकर उस जमा पानी में डाल दें। इससे मच्छरों से बनने वाला लारवा नष्ट हो जाएगा और बीमारियों के फैलने पर रोक लगेगी।
डॉ. गौरव अरोड़ा, जिला मलेरिया अधिकारी, नागरिक अस्पताल, सिरसा।