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देखरेख के अभाव में निमोनिया का शिकार हो रहे हैं पांच वर्ष तक के बच्चे

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नागरिक अस्पताल में बच्चे की जांच करते हुए शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अक्षय कुमार । - फोटो : Sirsa
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सिरसा। मौसम में बदलाव और नौकरी पेशे में व्यस्त माता पिता द्वारा बच्चों की देखरेख में कमी के कारण अब 0 से पांच वर्ष तक के बच्चे निमोनिया का शिकार हो रहे हैं। हर माह 150 से अधिक बच्चे निमोनिया से प्रभावित हो रहे हैं। जिनमें से 15 के करीब बच्चों को अस्पताल में दाखिल करने की आवश्यकता पड़ती है। इलाज नागरिक अस्पताल में स्थित बच्चों के वार्ड में किया जा रहा है।
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बीते एक सप्ताह से मौसम में काफी बदलाव देखने को मिल रहा है। जिसके बाद बच्चे कम समय में ही इसका शिकार हो रहे हैं। नागरिक अस्पताल में स्थित शिशु रोग विशेषज्ञ के पास हर रोज 100 के करीब बच्चों की ओपीडी हो रही है। इनमें से 60 के करीब बच्चे खांसी व जुकाम से जबकि पांच बच्चे निमोनिया से पीड़ित पाए जा रहे हैं। जबकि शेष बच्चे बुखार व अन्य किसी बीमारी से पीड़ित पाए जा रहे हैं। ऐसे में निमोनिया से अधिक प्रभावित बच्चों को नागरिक अस्पताल में बने पीडियाट्रिक वार्ड में ही दाखिल कर उनका इलाज किया जा रहा है। निमोनिया से अधिक प्रभावित होने के वाले बच्चों को ऑक्सीजन, इंजेक्शन सहित अन्य कई तरह की दवाइयां देकर उन्हें स्वस्थ किया जा रहा है।
कम समय में जन्म होने पर बच्चे हो रहे हैं जल्द खांसी जुकाम से प्रभावित
मौसम में अब लगातार परिवर्तन आ रहा है। ऐसे में कम समय में जन्म लिए हुए बच्चे व खानपान सही न करने वाले बच्चे इससे जल्द प्रभावित हो रहे हैं। वहीं खांसी जुकाम के बाद बच्चों का समय पर डॉक्टरों से जांच न करवाने व अपने स्तर ही इलाज करने के चलते भी बच्चे निमोनिया का शिकार हो रहे हैं।
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इन कारणों से अधिक बीमार पड़ रहे हैं बच्चे
- बच्चों के खानपान में किसी तरह की परहेज न करने
- रात को पंखे व एसी का इस्तेमाल करने
- रात को गर्म कपड़ा न ओढ़ने
- खांसी जुकाम के बाद समय पर डॉक्टर से जांच न करवाने
- शिशुओं के हाथों व पैरों को गर्म कपड़े से न ढकने के कारण
इस तरह से करे बच्चों का बचाव
- रात के समय पंखे व एसी का इस्तेमाल न करें
- रात को बिना गर्म कपड़ों के बच्चों को घर से बाहरी न ले जाए
- सोते समय बच्चे को गर्म कपड़े के अंदर रखें
- शिशुओं के हाथों व पैरों पर गर्म कपड़े पहनाएं
- बच्चों को किसी तरह की दिक्कत आती है तो डॉक्टर से जांच करवाएं
मौसम में लगातार बदलाव हो रहा है। जिसके कारण शिशु खांसी, जुकाम, बुखार व निमोनिया से बीमार पड़ रहे हैं। शिशुओं व बच्चों की देखभाल न होने के कारण भी बच्चे इसे प्रभावित हो रहे हैं। नागरिक अस्पताल में स्थित पीडियाट्रिक वार्ड में बच्चों का इलाज किया जा रहा है।
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-डॉ. भारत भूषण, शिशु रोग विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल सिरसा।
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