सिरसा। कक्षा 9वीं की लापता नाबालिग छात्रा के मिलने के बाद हाईकोर्ट ने विस्तृत स्थिति रिपोर्ट दायर करने के निर्देश दिए हैं। हाईकोर्ट ने 25 अगस्त को मामले की सुनवाई करते हुए राज्य अधिवक्ता को निर्देश देते हुए कहा कि रिपोर्ट में डबवाली शहर थाना पुलिस की ओर से 16 जून 2025 को दर्ज की गई एफआईआर संख्या 198 की जांच का पूरा विवरण हो।
इससे पूर्व सुनवाई के दौरान राज्य अधिवक्ता संजीव कुमार ने न्यायमूर्ति संजय वशिष्ठ को बताया कि चार अगस्त के आदेश के अनुसार नाबालिग को बरामद कर लिया गया है। 13 अगस्त को उसे मंडी डबवाली के उपमंडल न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया। इसके बाद उसका बयान दर्ज कर और उसकी व्यक्त इच्छा को ध्यान में रखते हुए, नाबालिग को उसकी दादी के साथ रहने की अनुमति दे दी गई है।
इस मामले की अगली सुनवाई 16 सितंबर 2025 को होगी। दरअसल, चार अगस्त को उक्त मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने पुलिस अधीक्षक सिरसा को हलफनामा दायर कर ये स्पष्ट करने को कहा था कि नाबालिग लड़की की बरामदगी में विफलता का कारण बताया जाए। इसके अलावा स्थानीय पुलिस ने नाबालिग को तलाशने के लिए क्या प्रयास किए हैं।
न्यायालय आंखें मूंद नहीं सकता
राज्य अधिवक्ता ने कपिल अहलावत ने हाईकोर्ट को बताया था कि उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय डबवाली जिला सिरसा ने शपथ पत्र के माध्यम से 31 जुलाई 2025 को न्यायालय में स्थिति रिपोर्ट दाखिल की है। साथ ही संबंधित पुलिस द्वारा दर्ज किए गए पक्षों के बयान भी प्रस्तुत किए हैं। इन्हें अभिलेख में दर्ज किया गया है। जिसमें कहा गया है कि नाबालिग के परिजन अपनी नाबालिग लड़की के संबंध में किसी के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं चाहते हैं। पुलिस द्वारा बीएनएस 2023 की धारा 137,96 के अंतर्गत शहर थाना मंडी डबवाली में 16 जून 2025 को एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। डेढ़ महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद लड़की लापता है। लड़की की आयु 14 वर्ष है और वह कक्षा 9वीं की छात्रा है। अभी तक उसकी बरामदगी नहीं हो सकी है। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि शिकायतकर्ता नहीं चाहता कि याचिकाकर्ताओं के खिलाफ कोई कार्रवाई की जाए, लेकिन लापता लड़की की उम्र को देखते हुए यह न्यायालय आंखें मूंद नहीं सकता या अधिकारी को ऐसा करने की अनुमति नहीं दे सकता।