सहारणी माइनर गांव मलड़ी से रोड़ी के मध्य टूटने से करीब 200 एकड़ धान व नरमे की फसल में जलभराव हो गया। सूचना पाकर विभागीय कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर माइनर को पीछे से बंद करवाते हुए टूटे हिस्से को पाटने का कार्य शुरू किया। सहारणी माइनर गांव मलड़ी से रोड़ी के बीच शुक्रवार रात्रि अचानक टूटने से साथ लगते किसानों की करीब 200 एकड़ फसल में जलभराव हो गया।
किसानों ने इसकी सूचना बेलदार को दी तो विभागीय कर्मचारी मौके पर पहुंचे। कर्मचारियों ने मुख्य हेड से पानी बंद करवाकर जेसीबी व किसानों की मदद से टूटे हिस्से को पाटने का कार्य शुरू किया। इस दौरान साथ लगती जगह में वृक्ष होने के कारण वहां से मिट्टी का उठान न होने से कार्य में देरी हुई। जिसके बाद जेसीबी की सहायता से ट्रालियों में मिट्टी भरकर लाई गई। विभाग के जेई ताराचंद ने बताया कि नहर में करीब 20 फुट की दरार आई है। माइनर टूटने के कारणों का पता लगाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि माइनर के टूटे हिस्से से भर दिया गया है। मलड़ी के किसान माड़ू सिंह, चढ़त सिंह, नसीब सिंह, मदन सिंह व रोड़ी के किसान जगराज सिंह, बोघा सिंह, कुलवंत सिंह ने बताया कि शुक्रवार मध्य रात्रि को माइनर टूटी है। जिससे उनकी धान व नरमे की तकरीबन 200 एकड़ फसल में जलभराव हुआ है। उनका कहना है कि का छोर कमजोर होने के चलते माइनर टूटी है। विभाग अगर समय रहते इस पर ध्यान देता तो फसलें डूबने से बच जाती।