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Sirsa News: नाबालिग को एसपी ऑफिस में पेश होने का निर्देश

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सिरसा। नाबालिग को जबरन शादी के लिए मजबूर करने की कोशिश के मामले में बुधवार को हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। न्यायाधीश विनोद एस भारद्वाज ने याचिकाकर्ता को तीन दिनों के भीतर सिरसा पुलिस अधीक्षक कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया है। उपस्थित न होने पर पुलिस अधीक्षक को एक बाल कल्याण पुलिस अधिकारी नियुक्त करना होगा, जो नाबालिग को एक सप्ताह के भीतर बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत करेगा।
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इसके अलावा किशोर न्याय अधिनियम 2015 के अंतर्गत गठित बाल कल्याण समिति इस न्यायालय को एक अनुपालन रिपोर्ट भेजेगी। सिरसा निवासी याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया था कि याचिकाकर्ता नाबालिग है। उसके माता-पिता, भाइयों व चाचा की ओर से लगातार उसे धमकियां दी जा रही हैं।

ये लोग याचिकाकर्ता को अपनी इच्छा अनुसार किसी लड़के से विवाह करने के लिए मजबूर करने का प्रयास कर रहे हैं। याचिकाकर्ता ऐसी शादी करने को तैयार नहीं है और अपनी शिक्षा जारी रखना चाहती है। उस पर हुए हमले और उत्पीड़न को देखते हुए वह घर से भागने पर मजबूर हुई। न्यायाधीश ने फैसले में कहा कि याचिकाकर्ता की ओर से उपस्थित अधिवक्ता का तर्क है कि वह संतुष्ट होंगे यदि पी. माइनर थ्रू विक्रम बनाम हरियाणा राज्य के मामले में पारित निर्णय के संदर्भ में निर्देश भी वर्तमान मामले में पारित किए जाते हैं। इसलिए निहित निर्देशों के साथ याचिका का निपटाया जाता है।
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