संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। जिले के एक 15 वर्षीय नाबालिग छात्र ने स्वयं व अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। कक्षा 10वीं में पढ़ने वाले छात्र ने याचिका दायर कर आरोप लगाया है कि स्कूल प्रबंधन व कुछ कर्मचारियों की ओर से परिवार को लगातार परेशान किया जा रहा है। मामले की अगली सुनवाई 2 जुलाई 2026 को होगी।
सिरसा निवासी 15 वर्षीय नाबालिग ने 26 मई को अपने अधिवक्ता के माध्यम से दायर की याचिका में हाईकोर्ट को बताया है कि वह एक निजी स्कूल में कक्षा 10वीं में पढ़ता है। उसकी मां स्कूल में नौकरी करती थीं। उनके इस्तीफे के बाद से स्कूल प्रबंधन व कर्मचारियों की ओर से उसे और उसके परिवार के सदस्यों को लगातार परेशान किया जा रहा है।
छात्र ने आरोप लगाया कि फरवरी 2026 में स्कूल के पीटी शिक्षक ने उसके साथ मारपीट की। इससे उसकी गर्दन पर चोटें आईं। घटना के बाद उसका उपचार नागरिक अस्पताल सिरसा में कराया गया। डॉक्टरों ने मेडिकल लीगल रिपोर्ट भी तैयार की।
छात्र का कहना है कि मामले की शिकायत कालांवाली थाना पुलिस को दी गई थी लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद परिवार ने डिप्टी कमिश्नर व एसएसपी को भी कई बार शिकायतें व अभ्यावेदन दिए लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने न्यायाधीश मंदीप पन्नू के समक्ष दलील दी कि छात्र व उसके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने और संबंधित प्रतिवादियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई के निर्देश जारी किए जाएं। सुनवाई के दौरान राज्य की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा गया।
इस पर हाईकोर्ट ने सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए राज्य अधिवक्ता को जवाब दाखिल करने के लिए 2 जुलाई 2026 तक का समय दे दिया।