संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। जिले में ड्रोन आधारित यूरिया छिड़काव योजना के लक्ष्य को पूरा न कर पाने पर उप निदेशक डॉ. सुखदेव सिंह कंबोज ने सोमवार को ड्रोन दीदी योजना से जुड़े सदस्यों की बैठक ली। बैठक में ड्रोन ऑपरेटरों की कार्यप्रणाली, किसानों के पंजीकरण की स्थिति और छिड़काव कार्य में सुधार के उपायों पर चर्चा की गई।
डॉ. सुखदेव सिंह कंबोज ने बताया कि एक ड्रोन दीदी को प्रतिदिन लगभग 15 एकड़ क्षेत्र में यूरिया का छिड़काव करने की जिम्मेदारी दी गई है। कई क्षेत्रों में यह लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया, जिसे पूरा करना बेहद जरूरी है। ड्रोन दीदी सदस्यों ने लक्ष्य पूर्ण नहीं होने का कारण ऑनलाइन पंजीकरण में बाधा और किसानों की असमर्थता बताई। कई किसानों ने पंजीकरण नहीं करवाया, जिससे ड्रोन संचालन प्रभावित हुआ।
उप निदेशक ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों से ऑनलाइन सिस्टम के माध्यम से पंजीकरण करवाना सुनिश्चित करना होगा। इसके लिए किसान की सहमति आवश्यक होगी और केवल उसी स्थिति में यूरिया का ड्रोन द्वारा छिड़काव किया जाएगा। विभाग के सदस्यों की ड्यूटी निर्धारित की गई है ताकि प्रत्येक क्षेत्र में छिड़काव समय पर और प्रभावी ढंग से हो सके।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि किसानों को योजना की पूरी जानकारी दी जाएगी और किसी भी प्रकार की शंका या कठिनाई दूर करने के लिए स्थानीय अधिकारियों का सहयोग सुनिश्चित किया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि योजना का उद्देश्य फसलों में यूरिया की समान और सही मात्रा पहुंचाना है, जिससे पैदावार और गुणवत्ता में सुधार हो सके।
मॉनिटरिंग करेगा विभाग
उप निदेशक डॉ. सुखदेव कंबोज ने कहा कि ड्रोन दीदी का प्रदर्शन अब नियमित रूप से मॉनिटर किया जाएगा और जिन क्षेत्रों में लक्ष्य पूरा नहीं होगा, वहां आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी। इससे किसान लाभान्वित होंगे और यूरिया छिड़काव का कार्य समयबद्ध एवं प्रभावी तरीके से संपन्न होगा। ड्रोन से यूरिया के छिड़काव को लेकर किसान को 150 रुपये देने होंगे और 250 रुपये विभाग देगा। किसानों से अपील है कि वे इस कार्य में सहयोग करें और फसलों पर छिड़काव करवाएं।