- एडीसी ने विशेष बैठक लेकर दिए आदेश, पंजीकरण अनिवार्य, भ्रामक विज्ञापन करने वालों पर कार्रवाई
एडीसी ने विशेष बैठक लेकर दिए आदेश, पंजीकरण अनिवार्य, भ्रामक विज्ञापन करने वालों पर कार्रवाई
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। प्रदेश में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल खत्म होने के बाद निजी कोचिंग संस्थानों को लेकर नगर परिषद और पालिकाओं के साथ-साथ शिक्षा विभाग के अधिकारियों को कार्रवाई करनी होगी। सोमवार को अतिरिक्त उपायुक्त अर्पित संगल की अध्यक्षता में जिला स्तरीय बैठक हुई।
दो सप्ताह पहले आए आदेशों पर अब प्रशासन गंभीरता दिखा रहा है। इसी कड़ी में अब इन्हीं आदेशों पर जिले में संचालित निजी कोचिंग संस्थानों की मनमानी पर अब प्रशासन लगाम लगाएगा।
अतिरिक्त उपायुक्त अर्पित संगल ने इस मामले में सोमवार को विशेष रूप से बैठक ली और संबंधित विभाग के अधिकारियों को हरियाणा निजी कोचिंग संस्थान पंजीकरण और विनियमन अधिनियम, 2024 तथा हरियाणा निजी कोचिंग संस्थान (पंजीकरण एवं विनियमन) नियम, 2026 के तहत निजी कोचिंग संस्थान की जांच करने के आदेश दिए।
एडीसी ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि नियमों की अवहेलना करने वाले संस्थानों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। पहली बार नियम तोड़ने पर 25 हजार रुपये तथा दूसरी बार उल्लंघन करने पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके बाद भी नियमों की अनदेखी जारी रहने पर संस्थान का पंजीकरण रद्द किया जा सकता है।
एडीसी ने कहा कि सभी निजी कोचिंग संस्थानों का पंजीकरण होना अनिवार्य है। उच्च शिक्षा विभाग के कोचिंग संस्थानों को लेकर आए आदेशों की खबर को संवाद न्यूज एजेंसी ने 9 सितंबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसमें उच्च शिक्षा विभाग से आदेशों की डिटेल रिपोर्ट प्रकाशित की गई थी।
इस बैठक से पहले दो सप्ताह पहले जारी किए गए आदेशों पर कार्रवाई को लेकर शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव एके सिंह ने वीडियो सम्मेलन के माध्यम से अधिकारियों की बैठक ली। उन्हें इस मामले में सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
अतिरिक्त उपायुक्त ने सभी निजी कोचिंग संस्थान संचालकों को निर्धारित समय-सीमा में पंजीकरण करवाने और नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नियमों का उद्देश्य कोचिंग संस्थानों को परेशान करना नहीं बल्कि विद्यार्थियों के हितों की रक्षा करते हुए शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
भ्रामक प्रचार किया तो कोचिंग सेंटर पर होगी कार्रवाई
बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि विद्यार्थियों और अभिभावकों को गुमराह करने वाले विज्ञापनों पर सख्ती होगी। कोचिंग संस्थानों को अपनी विवरण-पुस्तिका में शिक्षण शुल्क, शुल्क वापसी की नीति, कक्षाओं की समय-सीमा और विद्यार्थियों की क्षमता सहित पूरी जानकारी देनी होगी। विज्ञापनों में फर्जी सफल विद्यार्थियों, झूठे परिणाम अथवा भ्रामक दावों का इस्तेमाल करने पर कार्रवाई की जाएगी।
विद्यार्थियों की सुविधाओं पर भी निगरानी
प्रशासन ने कोचिंग संस्थानों में विद्यार्थियों की मूलभूत सुविधाओं को भी अनिवार्य किया है। प्रत्येक संस्थान में कम से कम एक परामर्शदाता की नियुक्ति करनी होगी ताकि विद्यार्थियों को पढ़ाई के दबाव और मानसिक तनाव से निपटने में सहायता मिल सके। छात्र और छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालय, अग्निशमन उपकरण, प्राथमिक उपचार, शुद्ध पेयजल और पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था भी जरूरी होगी। विद्यार्थियों और अभिभावकों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए जिला स्तर पर शिकायत निवारण प्रकोष्ठ बनाया जाएगा। इसके माध्यम से कोचिंग संस्थानों से जुड़ी समस्याओं और नियमों के उल्लंघन संबंधी शिकायतों की सुनवाई की जाएगी।
आवासीय कॉलोनियों में चल रहे हैं निजी कोचिंग सेंटर
जिले में कुछ बड़े कोचिंग सेंटर ही मुख्य बाजारों में नजर आते हैं। अधिकतर कोचिंग सेंटर आवासीय कॉलोनियों में चल रहे हैं। सबसे ज्यादा बस स्टैंड के साथ लगती बांसल कॉलोनी, राम कॉलोनी, नहर कॉलोनी, खैरपुर के अलावा बाजारों के साथ लगती कॉलोनियों में चल रहे हैं। घरों में चलने वाले इन निजी कोचिंग सेंटरों में सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं है। सुरक्षा को भी दरकिनार किया गया है। लंबे समय से चल रहे हैं इन कोचिंग सेंटरों पर नगर परिषद और शिक्षा दोनों ही नकेल कसने में फेल रहे हैं। कोई गंभीरता आज तक नहीं दिखाई गई।
निजी कोचिंग संस्थानों को इस रिकॉर्ड की देनी होगी जानकारी
निजी कोचिंग संस्थानों के भवन का पंजीकृत मालिकाना प्रमाण पत्र या रजिस्टर्ड किरायानामा। निजी कोचिंग संस्थान का कुल क्षेत्रफल (वर्गमीटर में)।
निजी कोचिंग संस्थानों में नामांकित कुल बैचवार छात्र जिसमें छात्रों के पंजीकरण फॉर्म भी शामिल हैं। छात्रों का विवरण जिसमें आयु, योग्यता, कोचिंग बैच नंबर, पता, संपर्क संख्या, ईमेल आईडी यदि पढ़ रहे हैं शैक्षणिक संस्थान का नाम आदि शामिल हैं।
कोर्स पाठ्यक्रम का विवरण जिसमें अवधि और शुल्क शामिल हैं। किसी भी कोर्स के दौरान छोड़ने की स्थिति में, शुल्क वापसी नीति का विवरण।
ट्यूटर का विवरण जिसमें आयु, योग्यता, अनुभव, पता, संपर्क संख्या, ईमेल आईडी, चरित्र सत्यापन आदि शामिल हैं। कोचिंग बैच की समय सारणी।
संस्थान से कोचिंग लेने वाले छात्रों का विवरण, जिसमें उन छात्रों का विवरण भी शामिल है जो अंततः सफल हुए जिनके लिए कोचिंग ली गई थी। वेबसाइट का विवरण और अपडेट करने का समय अंतराल।
आपात स्थिति में छात्रों के लिए चिकित्सा सहायता/उपचार सुविधा का विवरण यदि कोई छात्रावास सुविधा है तो उसका विवरण जिसमें छात्रावास शुल्क, मेंस शुल्क इत्यादि शामिल हैं।
छात्रों और कर्मचारियों की शिकायतों के निवारण के लिए अपनाई गई प्रणाली का विवरण। किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट की ओर से संपरीक्षित संस्थान के वार्षिक खाते।
जिला प्राधिकरण या अपीलीय प्राधिकरण द्वारा, समय-समय पर संस्थान को संप्रेषित किया गया कोई अन्य पत्र व अन्य दस्तावेज।