कचरे में कर्मचारियों व रैक पीकर ने सिरिंज व अन्य वेस्ट आने के बाद बताया था एजेंसी को
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। शहर के अस्पतालों से उठाए जाने वाले सामान्य कचरे की गाड़ियों में मेडिकल वेस्ट मिलने का मामला सामने आने के बाद कचरा उठाने वाली एजेंसी ने रविवार को सख्त कदम उठाए हैं। एजेंसी की ओर से अस्पताल संचालकों को नोटिस जारी कर कहा गया था कि यदि मेडिकल वेस्ट सामान्य कचरे में आए तो वे कचरा नहीं उठाएंगे। इसके बाद अब अधिकांश अस्पतालों ने व्यवस्था में सुधार किया है। एजेंसी ने यह कार्रवाई संक्रमण फैलने और कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए की है।
अधिकारियों के अनुसार, शहर के एरिया में करीब 100 अस्पतालों और नर्सिंग होम से रोजाना सामान्य कचरे की उठान की जाती है। रैक पिकर द्वारा कचरे की चुगाई के दौरान कई बार सामान्य कचरे में सिरिंज, सुई, दवाइयों की शीशियां और अन्य मेडिकल वेस्ट पाया गया। यह न केवल नियमों का उल्लंघन था, बल्कि गंभीर स्वास्थ्य जोखिम भी पैदा कर रहा था।
कचरा उठाने वाली एजेंसी ने इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अस्पतालों को चेतावनी नोटिस जारी किए। नोटिस में स्पष्ट किया गया कि मेडिकल वेस्ट को सामान्य कचरे में डालना प्रतिबंधित है। इसके निपटान के लिए अलग से अधिकृत एजेंसी की व्यवस्था होती है। सामान्य कचरे में इसे डाला जाता है तो वे सामान्य कचरे की उठान नहीं करेंगे।
सिरिंज आदि से कर्मचारी में संक्रमण का बढ़ रहा था खतरा
एजेंसी के अधिकारियों के अनुसार मेडिकल वेस्ट से संक्रमण फैलने का खतरा अधिक रहता है। सिरिंज और नुकीले उपकरणों से सफाई कर्मचारियों के घायल होने की आशंका बनी रहती है। कुछ कर्मचारियों ने इसकी शिकायत भी की थी। रैक पीकर जो डंपिंग पॉइंट से कचरा चुगते हैं, वे कई बार घायल हो गए थे। इस कारण यह कदम उठाना पड़ा।
नोटिस मिलने के बाद अधिकांश अस्पतालों ने कचरा पृथक्करण की प्रक्रिया को सख्ती से लागू किया है। अब सामान्य कचरे और मेडिकल वेस्ट के लिए अलग-अलग डस्टबिन और संग्रह प्रणाली अपनाई जा रही है। एजेंसी की ओर से भी निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोबारा न हो।
कोट्स
मेडिकल वेस्ट का सामान्य कचरे में डाला जाना नियमानुसार गलत है। एजेंसी को कुछ अस्पताल प्रबंधकों के सामान्य कचरे में मेडिकल वेस्ट मिला था। इसके बाद उनको नोटिस देकर चेता दिया गया था। यदि दोबारा कोई अस्पताल प्रबंधन ऐसा करेगा तो उसके खिलाफ विभागीय कदम उठाया जाएगा।
-जयवीर सिंह, सीएसआई, नगर परिषद