गांव चौटाला के मुख्य बाजार स्थित सील किए गए एक मेडिकल सेंटर का शटर एक हफ्ते बाद टूटा हुआ मिला है। सदर थाना पुलिस ने साक्ष्य समाप्त करने के जुर्म में डीसीओ की शिकायत पर मेडिकल संचालक तीन भाईयों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
15 मार्च 2016 को डीसीओ संदीप कुमार ने सीआईए डबवाली के साथ गांव चौटाला में कई मेडिकल स्टोर पर रेड की थी।
इस दौरान मुख्य बाजार स्थित फरिश्ता मेडिकल सेंटर का संचालक शटर डाउन करके चला गया था। डीसीओ ने मेडिकल संचालक को मौके पर बुलाया। करीब डेढ़-दो घंटा इंतजार करने के बाद भी वह नहीं आया। आखिरकार टीम ने मेडिकल सेंटर को सील कर दिया। सोमवार सुबह मेडिकल सेंटर का शटर उखड़ा हुआ मिला। पूर्व सरपंच कृष्ण कुमार ने इसकी सूचना डीसीओ को दी। पूर्व सरपंच ने संदेह जताया कि मेडिकल के भीतर नशे की दवा थी। शटर उखाड़कर उसे गायब किया गया है। डीसीओ संदीप कुमार ने इस संबंध में सदर थाना पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। पूर्व सरपंच कृष्ण कुमार का कहना है कि नशे का धंधा करने वा
लों ने प्रशासन को खुला चैलेंज किया है। ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। ताकि उनके गांव की युवा पीढ़ी नशे की दलदल में फंसने से बच सकें। डीसीओ ने बताया कि फरिश्ता मेडिकल सेंटर का प्रॉपराइटर बलवीर सिंह है। मेडिकल उसका भाई रामकिशन चलाता है। उसका ही मोबाइल नंबर वहां लिखा हुआ है। फार्मासिस्ट के तौर पर दोनों का भाई देवाचंद तैनात है। तीनों ने मिलकर सीलबंद सेंटर का शटर उखाड़ने के बाद साक्ष्य समाप्त किए हैं। शटर को पुन: ठीक करवाकर फिट करवाया गया है।
डीसीओ के अनुसार जब कोई मेडिकल सील किया जाता है। तो संबंधित संचालक एक एप्लीकेशन देता है। जिसके आधार पर जांच की जाती है। उपरोक्त मेडिकल सेंटर के संचालकों ने ऐसा नहीं किया। 15 मार्च से यह मेडिकल सील चला आ रहा था।
डीसीओ की शिकायत पर मेडिकल सेंटर संचालकों के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
-विनोद काजल, प्रभारी सदर थाना, डबवाली