संवाद न्यूज एजेंसी
रोड़ी। श्रीनगर के गुलमर्ग में शहीद हुए जवान जीवन सिंह की अंतिम अरदास रविवार को रोहण स्थित गुरुद्वारा साहिब में हुई। इस मौके पर सामाजिक, राजनीतिक और आस-पास के गांवों के मौजिज लोग पहुंचे। सभी ने शहीद के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर ओडिशा के पूर्व राज्यपाल गणेशीलाल ने कहा कि शहीद जीवन सिंह हमारे दिलों में हमेशा जिंदा रहेंगे।
गुरु गुरुद्वारा साहिब में अंतिम अरदास के बाद कथावाचक कुलदीप सिंह फग्गु ने कथा की। प्रो. गणेशी लाल ने कहा कि शहीद जीवन सिंह सिर्फ एक मां का बेटा नहीं, बल्कि देश का बेटा था। जब नौजवान सेना में भर्ती होता है, तो वह सिर्फ एक सीमा की रक्षा नहीं करता, बल्कि देश की सभी सीमाओं की रक्षा करते हुए जन-जन की रक्षा करता है। वे माता-पिता सौभाग्यशाली हैं, जिन्होंने ऐसे बेटे को जन्म दिया जो दूसरों के जीवन की रक्षा करते हुए अपने जीवन का बलिदान दे गया। शहीद जीवन सिंह हमारे दिलों में हमेशा अंकित रहेंगे।
वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के राजनीतिक सलाहकार रहे भाजपा नेता जगदीश चोपड़ा हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का संवेदना पत्र लेकर पहुंचे। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में मुख्यमंत्री स्वयं परिवार के पास पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री का अंतिम अरदास में आने का कार्यक्रम था, लेकिन प्रधानमंत्री के संदेश आने के चलते वह नहीं आ सके।
प्रो. गणेशी लाल के पुत्र ''हारे का सहारा चैरिटेबल ट्रस्ट'' के प्रधान मनीश सिंगला ने कहा कि गांव में शहीद जीवन सिंह की याद में लगाई जाने वाली प्रतिमा लगाई जाएगी। उनकी संस्था की ओर से यह कार्य किया जाएगा।
शहीद के परिवार को सरकारी नौकरी दे सरकार : विधायक केहरवाला
शहीद को श्रद्धांजलि भेंट करते हुए कालांवाली के विधायक शीशपाल केहरवाला ने कहा कि जीवन सिंह ने आतंकवादियों से लोहा लेते हुए वीरगति प्राप्त की है। हम सब परिजनों का सहारा बनकर उनके साथ चलेंगे। सरकार को चाहिए कि शहीद जीवन सिंह के परिवार को एक सरकारी नौकरी प्रदान करे, जिससे परिवार का गुजारा चल सके।