देवउठनी के अबूझ मुहूर्त के चलते रविवार को दिनभर शहर में शहनाइयों की गूंज जारी रही और शादी समारोहों का सिलसिला जारी रहा। इस खास मौके पर फेरे करवाने के लिए पंडितों की मारामारी देखी गई।
लोगों ने पहले से ही पंडितों की बुकिंग करनी शुरू कर दी थी। शहर के सभी मैरिज पैलेस, धर्मशाला और कम्युनिटी हॉल दिन और रात के लिए पहले से ही बुक हो चुके थे। जिन लोगों को शादी के लिए जगह नहीं मिली, उन्होंने गली-मोहल्लों में टेंट लगाकर शादी करवाई। आज शहर में करीब दौ सौ शादियां हुईं।
हर वर्ष की भांति इस बार भी देवउठनी एकादशी के अवसर पर रिकॉर्ड शादियां हुईं। शहर के 35 मैरिज पैलेसों, 20 धर्मशालाओं में दिन के समय अलग व रात के समय अलग शादियों के लिए बुकिंग थी। इसके अलावा कम्युनिटी हॉलों में भी शादी समारोह हुए।
जो लोग मैरिज पैलेस बुक करवाने में लेट हो गए थे, उनको अपने मोहल्लों में टेंट लगाकर शादियां करवानी पड़ी। घोड़ी वालों से लेकर ब्यूटी पॉर्लरों तक के रेट 50 प्रतिशत से अधिक बढ़ गए। डीजे और सजावट वालों की भी चांदी रही।
छह से 15 हजार रुपये तक हुआ दुल्हन का शृंगार
ब्यूटी पॉर्लरों में आम दिनों के मुकाबले 50 से 60 प्रतिशत रेट अधिक लिए गए। एक ब्यूटी पॉर्लर ने बताया कि आमतौर पर वे तीन से 10 हजार रुपये दुल्हन का शृंगार करने के लिए लेती हैं, लेकिन आज काम अधिक होने के कारण उन्हें लोगों द्वारा छह से 15 हजार रुपये दुल्हन के शृंगार के लिए मिले।
इसी प्रकार घोड़ी वाले राजकुमार ने बताया कि तीन हजार रुपये एक शादी में लेते हैं, लेकिन आज छह हजार और इससे भी अधिक रेट रखा गया और फिर भी शहर में शादियों की संख्या के अनुसार घोड़ियां कम पड़ गई।
जाट धर्मशाला के प्रबंधक ओमप्रकाश शर्मा ने बताया कि उन्होंने देवउठनी एकादशी को लेकर दो बार बुकिंग पहले से ही कर ली थी। उन्होंने बताया कि रेट तो साधारण ही लिए गए हैं, लेकिन बुकिंग करवाने के बाद लोगों के आने का सिलसिला जारी था।
150 रुपये प्रति किलो तक पहुंचे फूलों के रेट
पंडित संजीव शर्मा ने बताया कि उनके पास फेरे करवाने के लिए 15 दिन पूर्व ही लोगों ने संपर्क साधना शुरू कर दिया था।
उन्होंने कहा कि फेरे करवाने का हमारा कोई रेट तो नहीं होता, पर आज के दिन को देखते हुए लोगों ने दानस्वरूप राशि अधिक ही दी। उन्होंने बताया कि उन्होंने आज छह शादियां करवाई हैं। एक अनुमान है कि आज शहर में दौ सौ से अधिक शादियां हुई हैं। यही स्थिति ग्रामीण क्षेत्रों में देखी गई। फूलों के रेट भी 90 रुपये प्रति किलो ग्राम से बढ़कर डेढ़ सौ रुपये से अधिक हो गए थे।
अबूझ मुहूर्त, इसलिए शादियां अधिक
पंडित संजीव शर्मा ने बताया कि आज के दिन देव उठते हैं और ऐसे में शादी का मुहूर्त बहुत ही शुभ माना जाता है। इसके बाद दो से ढाई माह तक शादियों का सिलसिला जारी रहेगा। देव उठनी एकादशी का मुहूर्त तो अबूझ माना जाता है। यही स्थिति समारोहों में भाग लेने वालों की भी रही। लोगों को आज अपने रिश्तेदारों और परिचितों के यहां जाने के लिए कई-कई शादी कार्यक्रमों में जाना पड़ा। एक आदमी के पास इस दिन होने वाली शादियों के लिए कई कार्ड आए हुए थे।