व्यापार मंडल ने कोरोना महामारी के चलते जिले में रविवार को अपनी स्वेच्छा से बाजार बंद करने की घोषणा की थी। लेकिन रविवार को कुछ एक दुकानों को छोड़कर पूरे दिन बाजारों में चहल पहल रही। व्यापार मंडल के लिए फैसले दुकानदारों को रास नहीं आया।
जिले में कोरोना संक्रमण को लेकर व्यापारी मंडल की एक बैठक में दुकानदारों ने फैसला लिया था कि रविवार को सभी दुकानदार अपनी दुकानें बंद रखेंगे। लेकिन पहले ही रविवार को ही दुकानदार अपनी दुकानें बंद नहीं रख पाए। सुबह सात बजे ही दुकानदारों ने अपनी दुकानें खोल ली। दोपहर के समय बाजार में भीड़ बढ़ने लगी। जहां लोग बिना किसी मास्क और सामाजिक दूरी के नजर आए। बाजार में दुकानदारों ने भी मास्क का प्रयोग करना ही बंद कर दिया है, जो दुकान में बिना मास्क आने वाले ग्राहकों को सामान देने के साथ सामाजिक दूरी का भी ध्यान नहीं रख पा रहे हैं। व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष हीरालाल शर्मा ने फैसला लिया था कि सभी दुकानदार रविवार को दुकानें बंद रखेंगे और दुकान पर आने वाले सभी ग्राहकों को मास्क देंगे और सामाजिक दूरी का भी पालन करेंगे। शहर में कोरोना का कहर जारी है, लेकिन दुकानदार अब न ही मास्क लगा रहे हैं और न ही ग्राहकों के बीच सामाजिक दूरी बना पा रहे हैं।
कोरोना के चक्र को तोड़ने के लिए एक दिन स्वेच्छा से दुकानें बंद करने का आह्वान किया गया था। इस अपील पर रविवार को विभिन्न बाजारों में अलग-अलग ट्रेड इलेक्ट्रॉनिक्स, पेस्टीसाइड इत्यादि के व्यापारियों ने दुकानें बंद रखी।
- हीरालाल शर्मा, व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष।