सिरसा। जिले की मंडियों में नमी पर विवाद और धान की भारी आवक के बीच आढ़तियों को सुरक्षा की चिंता सताने लगी है। शेड से सड़क पर लगीं धान की ढेरियों और धीमी उठान के बीच मंगलवार को आढ़तियों की मांग पर प्रशासन ने मंडियों में सुरक्षा बढ़ा दी है। वहीं फग्गु में नमी को लेकर उठे विवाद का भी अधिकारियों ने बातचीत कर हल करा दिया। नमी और अव्यवस्था के कारण इस बार मंडी में धान की खरीद व्यवस्था चुनौतीपूर्ण होती जा रही है।
मंडी में पुलिस की सुरक्षा बढ़ाई, रात में भी तैनात रहेंगे पुलिसकर्मी
मंडियों में बढ़ते रार को देखते हुए प्रशासन और आढ़ती एसोसिएशन ने सक्रियता बढ़ा दी है। मंगलवार को सिरसा मंडी में धान से शेड और सड़कें पूरी तरह भर गईं। इस स्थिति से निपटने के लिए आढ़ती एसोसिएशन के सदस्यों ने जिला उपायुक्त से मुलाकात की और व्यवस्था बेहतर बनाने की गुहार लगाई। उनकी मांग पर मार्केट में तत्काल सुरक्षा बढ़ा दी गई। प्रशासन ने धान के सीजन में किसी भी आढ़ती या किसान के साथ अप्रिय स्थिति को टालने के लिए पुलिस कर्मियों की तैनाती बढ़ा दी है। सिरसा मंडी में 14 पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है। इनमें 10 पुलिस कर्मी दिन में मंडी में व्यवस्था और वाहनों की निगरानी संभाल रहे हैं, जबकि 4 पुलिसकर्मी रात्रि ड्यूटी में हैं। आढ़ती एसोसिएशन और मार्केट कमेटी के कर्मचारी भी दिनभर मंडी में व्यवस्था बनाने में जुटे रहे।
उठान की धीमी रफ्तार से कम पड़ी जगह
सिरसा मंडी में अब तक कुल 99,597 क्विंटल धान की आवक हुई है। डबवाली, कालांवाली, ऐलनाबाद, रानिया और डिंग मंडियों में अब तक कुल 1,43,972 क्विंटल धान की खरीद और 2,95,481 क्विंटल पीआर धान की आवक दर्ज की जा चुकी है।
एसडीएम ने व्यवस्थाओं को जांचा
एसडीएम अर्पित संगल ने मंगलवार को अबूबशहर और लोहगढ़ अनाज मंडियों का निरीक्षण किया और धान खरीद प्रक्रिया के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण से पहले उन्होंने अपने कार्यालय में खरीद एजेंसियों और ट्रांसपोर्टरों के साथ बैठक कर सुनिश्चित किया कि धान की खरीद और उसका उठान समय पर हो, ताकि किसानों को फसल बेचने में किसी भी तरह की परेशानी न हो।
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फग्गु मंडी में नमी मापने के नाम ठगी का आरोप, तीखी बहस
फग्गु स्थित अनाज मंडी में किसानों ने हरियाणा वेयरहाउस के कर्मचारियों पर नमी मापने के नाम पर गड़बड़ी करने का आरोप लगाया है। झोरड़ रोही के किसान संदीप सिंह अपनी 6-7 ट्रॉली धान लेकर मंडी पहुंचे थे। मंडी में नमी मापने पर मशीन ने 26.6 प्रतिशत दर्ज किया, जबकि डिजिटल मीटर से जांच में नमी केवल 21 प्रतिशत के करीब थी। इस अंतर को लेकर किसान और कर्मचारी के बीच तीखी बहस हुई। किसान ने आरोप लगाया कि कुछ वेयरहाउस कर्मचारी, मार्केट कमेटी अधिकारी शैलर मलिक और खरीद एजेंसियों के प्रतिनिधि आपसी मिलीभगत कर किसानों का शोषण कर रहे हैं। इस मामले में मार्केट कमेटी के सचिव परमजीत नंदाल ने किसानों को सलाह दी कि वे अपने धान की नमी की मात्रा केवल मार्केट कमेटी केंद्र से ही माप करवाएं।
नमी मीटर में ज्यादा फर्क नहीं था, लेकिन किसानों को हर बार सलाह दी जाती है कि मार्केट कमेटी केंद्र जाकर खरीद एजेंसी के मीटर से ही अपनी फसल की नमी चेक करवाएं। - परमजीत नंदाल, सचिव, मार्केट कमेटी कालांवाली।