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30 साल से सिरसा में था दशरथ, 22 साल तक माओवादियों के संपर्क में रहा

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maowadi dasharath was in sirsa for 30 years - फोटो : Sirsa
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माओवादी गतिविधियों में संलिप्त बिहार निवासी दशरथ यादव को कालांवाली पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। दशरथ यादव को सुरक्षा एजेंसियों ने गुरुवार शाम को गांव दादू के शराब ठेके से पकड़ा था। दशरथ यादव हत्या और बम ब्लास्ट मामले में गिरफ्तार हो चुका है। दशरथ अपने गृह थाना क्षेत्र में मारपीट के दो मामलों में वांछित है। दशरथ यादव वर्ष 1990 से ही सिरसा के विभिन्न क्षेत्रों में रह रहा था, वह अपनी पहचान छिपाने के लिए कहीं भी एक साल से ज्यादा काम नहीं करता था। सीआईए के अनुसार दशरथ और किन-किन मामलों में संलिप्त है इसकी जानकारी रविवार को बिहार पुलिस के पहुंचने पर पता चल सकेगा। पूछताछ में खुलासा हुआ है कि वह माओवादी मुखिया नीरू यादव के संपर्क में था।
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सीआईए कार्यालय सिरसा में कालांवाली के डीएसपी नर सिंह पत्रकार वार्ता में कहा कि जिला पुलिस ने लगभग 50 वर्षीय दशरथ यादव पुत्र प्रयाग यादव निवासी खाफिया टोला जिला गया बिहार को काबू किया है। उसने पूछताछ में कबूला है कि वह पहले एक किसान था और वे कुल छह बहन-भाई हैं। वर्ष 1993 में उसकी शादी पनवा पुत्री लोधी उर्फ लोहारी यादव के साथ हुई थी और उसके चार बच्चे हैं। वह 7वीं कक्षा तक पढ़ा हुआ है। पूछताछ में दशरथ ने बताया कि 1997-1998 में माओवादी संगठन के संपर्क में आया जब संगठन के सदस्य उसके गांव में आते थे। उन्होंने बताया कि दशरथ एक बार विष्णु यादव निवासी डामछुआ की हत्या के मामले में वर्ष 1997-1998 में गिरफ्तार हुआ था। वहीं बारा चट्टी थाना क्षेत्र में हुए बम ब्लास्ट में भी दशरथ गिरफ्तार हुआ था और उसे करीब 10 माह बाद जमानत मिली थी, इस मामले में एक पुलिस कर्मचारी की मौत हो गई थी। जमानत मिलने के बाद वह अदालत में दोबारा हाजिर नहीं हुआ। पूछताछ में दशरथ ने यह भी कबूल किया है कि उसके खिलाफ उसके गृह क्षेत्र के थाना में मारपीट के दो मामलों में भी वह वांछित है।
उसके पैतृक गांव के युवक ने लगवाया था काम
दादू से पकड़ा गया आरोपी माओवादी दशरथ यादव पूर्व विधायक के सिरसा ठेके पर भी काम कर चुका है। वह अपनी पहचान छिपाने के लिए शराब के ठेके पर छह महीने या एक साल से ज्यादा समय तक काम नहीं करता था। उसे उसके पैतृक गांव के एक युवक पिंटू ने दादू में लगवाया था। पिंटू खुद कालांवाली में शराब ठेके पर काम करता था, लेकिन जैसे ही उसे दशरथ यादव की गिरफ्तारी की सूचना मिली तो वह भी गायब हो गया। सुरक्षा एजेंसियां पिंटू की तलाश में भी जुटी हुई है।
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सुरक्षा एजेंसियों को 10 दिन पहने मिला था इनपुट
दशरथ यादव शराब ठेकेदारों द्वारा उपलब्ध करवाए गए मोबाइल से ही अपने परिजनों व अन्य लोगों से बात करता था। खुफिया एजेंसियों ने आरोपी दशरथ यादव के मोबाइल नंबर से उन नंबरों का रिकॉर्ड जुटा लिया है, जिस पर संपर्क करता था। सिरसा में दशरथ यादव के छुपने का इनपुट सुरक्षा एजेंसियों को करीब दस दिन पहले मिल चुका था। पटना से सुरक्षा एजेंसियों को बाकायदा इस बात की पुख्ता जानकारी हासिल हो गई थी कि दशरथ सिरसा में ही छिपा है। इसलिए पटना से हरी झंडी मिलने पर ही सिरसा में कार्रवाई की गई। चंडीगढ़ से आई सुरक्षा एजेंसी की टीम ने अपने स्तर पर दशरथ से पूछताछ की है। वहीं सिरसा पुलिस का दावा है कि वह 1990 से ही सिरसा में शराब के विभिन्न ठेकों पर काम कर चुका है। उसे सिरसा में शुरूआत में उसका जीजा लेकर आया था।
आरोपी पर दर्ज मामलों की जानकारी देगी बिहार पुलिस
डीएसपी नर सिंह ने बताया कि वर्ष 2013 में बौद्घ मंदिर में बम ब्लास्ट के मामले में इसकी संलिप्ता की जानकारी बिहार पुलिस से ली जाएगी। बिहार पुलिस की टीम सिरसा पहुंचने वाली है। माओवादी पर कुल कितने मामले हैं, इसकी जानकारी भी बिहार पुलिस ही दे सकती है। बता दें कि बौद्घ गया बम ब्लास्ट मामले में राष्ट्रीय सुरक्षा जांच एजेंसियों ने दशरथ यादव नामक व्यक्ति को भी हिरासत में लिया था, लेकिन बाद में कोई ठोस सबूत न मिलने पर इसे छोड़ दिया गया। गुरुवार शाम को सुरक्षा एजेंसियों व गुप्तचर विभाग हरियाणा, सीआईए कालांवाली ने एक संयुक्त ऑपरेशन के तहत दशरथ यादव को गिरफ्तार किया था।
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