सिरसा। चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग की ओर से हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी, पंचकूला के सहयोग से वीरवार को अंतर विश्वविद्यालयी संस्कृत प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। डॉ. राकेश कुमार ने विभाग की शैक्षणिक, शोध एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का परिचय प्रस्तुत किया।
कुलपति प्रो. विजय कुमार ने कहा कि संस्कृत केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारतीय सभ्यता की आत्मा है। यह हमारी वैचारिक, नैतिक और सांस्कृतिक चेतना की धारा है, जिसने युगों-युगों तक विश्व को ज्ञान, शांति और मानवता का संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में अभिव्यक्ति, अनुशासन और भारतीय संस्कारों के प्रति अनुराग को प्रोत्साहित करती हैं।
कुलपति ने संस्कृत विभाग के इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय सदैव भारतीय भाषाओं एवं परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए कटिबद्ध है। इस दौरान कुलसचिव डॉ. सुनील कुमार, हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी, पंचकूला के निदेशक डॉ. चित्तरंजन दयाल सिंह कौशल और विभागाध्यक्ष डॉ. रोहतास आदि मौजूद रहे।
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इस प्रकार रहे परिणाम
भाषण प्रतियोगिता
प्रथम – मनीष, संस्कृत विभाग, सीडीएलयू
द्वितीय – कविता, जेजी कॉलेज, सिरसा
तृतीय – अजय, संस्कृत विभाग, सीडीएलयू
सांत्वना – स्वाति, एफएम महाविद्यालय, आदमपुर
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श्लोक गायन प्रतियोगिता
प्रथम – कविता, जेजी कॉलेज, सिरसा
द्वितीय – सुनिता, सीकेआरएम कॉलेज, सिरसा
तृतीय – मोनिका, फिरोज आर. मेमोरियल कॉलेज, आदमपुर
सांत्वना – परमजीत, जेसीडी कॉलेज, सिरसा
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प्रश्नमंच प्रतियोगिता
प्रथम – श्री सनातन धर्म संस्कृत कॉलेज, सिरसा
द्वितीय – चौधरी मनिराम गोदारा राजकीय कॉलेज, भोडियोखेड़ा
तृतीय – एमएम कॉलेज, फतेहाबाद