डॉ. अशोक तंवर
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हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर ने कहा कि पिछले तीन-चार बार के गेहूं के सीजन में प्राकृतिक आपदा का शिकार हुए किसानों को इस बार मौजूदा भाजपा सरकार को 250 से 300 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बोनस देना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार के करीबियों को गेहूं की बोरियां उठाने के टेंडर सस्ते में दे दिए गए और वास्तविकता यह है कि वे गेहूं की बोरियों का समुचित उठान करने में असमर्थ हैं। यही वजह है कि एक-एक बोरी उठाने की एवज में पांच से छह रुपये प्रति बोरी नजराना लेने की प्रथा आरंभ हो गई है। वे वीरवार को अनाजमंडी स्थित आढ़ती ललित जैन के प्रतिष्ठान पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने अनाजमंडी में गेहूं का धीमी गति से हो रहे उठान की समस्या के संदर्भ में मंडी मजदूरों, किसानों और आढ़तियों से जानकारी ली। डॉ. तंवर ने मंडी में किसान विश्राम गृह, शौचालयों की दयनीय स्थिति और पेयजल की कमी को स्थानीय प्रशासन व सरकार की विफलता बताया।
डॉ. तंवर ने कहा कि हरियाणा के अनेक जिलों में पानी की किल्लत इतनी गहरा गई है कि लोग पलायन को मजबूर हैं। इतना ही नहीं देश में अकेले बुंदेलखंड में एक लाख लोगों के पलायन करने से समस्या की गंभीरता का आकलन किया जा सकता है, लेकिन देश और प्रदेश की सरकारें इस दिशा में पूरी तरह से उदासीन हैं। उन्होंने कहा कि पिछले सीजन में ओलावृष्टि से प्रभावित हुई फसलों का नुकसान करीब पांच हजार करोड़ रुपये के आकलन किया गया था, लेकिन मुआवजे के तौर पर 900 करोड़ रुपये का आवंटन किया जाना था, वह भी पूरी तरह से नहीं हुआ। इसका सबसे अधिक नुकसान कैथल और असंध क्षेत्र के किसानों को हुआ है, जिन्हें आज तक मुआवजे की रकम नहीं मिली। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पिछले दिनों हुए जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान करीब 35 हजार करोड़ का नुकसान हुआ और सरकार की ओर से इस मुद्दे पर प्रभावित लोगों की मदद के लिए करीब साढ़े पांच सौ करोड़ रुपये के आवंटन का निर्णय लिया गया, जिसमें से महज 53 करोड़ रुपये ही आवंटित हो पाए हैं।
एसवाईएल पर अकाली दल बादल से अपने संबंध विच्छेद करने का दावा करने वाली इनेलो पर डॉ. अशोक तंवर ने कहा कि कालांवाली के अकाली दल बादल के विधायक इनेलो के प्रत्येक कार्यक्रम में शिरकत करते नजर आते हैं, ऐसी राजनीति से लोगों की आंखों में धूल झोंकना इनेलो की फितरत बन गई है। उन्होंने कहा कि हाल ही में हरियाणा में चार नए जिले बनाने की चर्चाएं चल रही हैं लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पिछले कांग्रेस शासन के दौरान हरियाणा विधानसभा में कलायत और कालांवाली को उपमंडल घोषित किया गया था। कलायत में तो उपमंडल की तमाम प्रक्रिया आरंभ कर दी गई हैं, लेकिन कालांवाली अभी भी इससे अछूता है। इस अवसर पर उनके साथ वरिष्ठ कांग्रेस नेता रतन जमालिया, लादूराम पूनिया, सुरजीत भावदीन, कुलदीप गदराना, जग्गा सिंह बराड़, शीशपाल केहरवाला, गोपाल कंबोज, अमित सोनी, मनमोहन मिढ़ा, देवेंद्र सोनी आदि मौजूद थे।