सिरसा। प्रतिबंधित दवा की गोलियों की तस्करी के मामले में स्पेशल एनडीपीएस फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आरोपी तस्कर को दोषी करार देते हुए 10 साल कैद व एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर एक साल अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
मामले के अनुसार सीआईए डबवाली पुलिस 8 नवंबर 2020 को इलाके में गश्त कर रही थी। इसी दौरान गांव अबूबशहर में पुलिस ने एक संदिग्ध युवक को हिरासत में लिया। युवक के पास प्लास्टिक का थैला था। पुलिस ने जब तलाशी ली तो थैले में से प्रतिबंधित दवा की एक हजार गोलियां बरामद हुई। पूछताछ में युवक की पहचान कालू राम निवासी गांव अबूबशहर के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने कालू राम को गिरफ्तार कर लिया।
पब्लिक प्रोसिक्यूटर मुनीष बजाज का कहना है कि बुधवार को इस मामले का निपटारा करते हुए न्यायाधीश डॉ. अशोक कुमार ने कालू राम को दोषी करार देते हुए 10 साल कैद की सजा सुना दी। फैसले से पहले दोषी ने न्यायाधीश से सजा में नरमी बरतने की गुहार लगाई थी। दोषी कालूराम ने कहा कि वह गरीब व्यक्ति है और उसकी बुजुर्ग मां बीमार है। उसके दो बच्चे हैं और उनकी देखभाल करने वाला उसके अलावा कोई दूसरा नहीं।